लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के राज्यसभा प्रत्याशियों के चयन पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सपा को वोट पीडीए का चाहिए, पर टिकट परिवार और पूंजीपतियों को दिया जा रहा है।
मायावती ने बयान में यह भी कहा कि “सपा को वोट तो पीडीए का चाहिए, लेकिन सांसद और विधायक अपने परिवार और पूंजीपतियों को बनाती है।” उन्होंने सपा की नीतियों को साजिश भरा करार दिया और जनता को सतर्क रहने की बात कही।
प्रत्याशियों के नाम और मायावती की आपत्ति
मायावती ने कहा कि सपा ने राज्यसभा चुनाव में रामगोपाल यादव को पर्चा भरवाया है जो सपा मुखिया के नजदीकी रिश्तेदार हैं। दूसरे उम्मीदवार के रूप में उन्होंने धनराज परिमल नथवानी का नाम उठाया और बताया कि वह चर्चित उद्योग घराने से जुड़े हैं।
उनका कहना था कि लोगों की राय में सपा का तीसरा उम्मीदवार पहले की तरह फेस सेविंग व चुनाव हारने के लिए होगा। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा, “सपा समाजवादी व पीडीए की पार्टी होने का ढोंग करती है। जनता इनके पीडीए के बहकावे में ना आए।”
मायावती ने सपा पर पुराने तरीकों का आरोप लगाया और कहा कि यह दोहरा चाल, चरित्र व चेहरा हमेशा से रहा है। उन्होंने विशेष रूप से सवर्ण समाज के गरीबों तथा दलितों, आदिवासियों, अति‑पिछड़ों, मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोगों को विधानसभा चुनाव से पहले सचेत रहने का आह्वान किया।
उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि “बसपा किसी भी चुनाव में विरोधी पार्टियों खासकर सपा की तरह अपने परिवार व पूंजीपतियों को टिकट नहीं देती है। पार्टी में कार्यरत सर्वसमाज के गरीब, मध्यम वर्ग व कमजोर तबकों के कर्मठ आंबेडकरवादी लोगों को ही उम्मीदवार बनाती है।”
स्थानीय लोग मायावती के बयान पर अलग‑अलग प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कुछ का कहना है कि यह आरोप राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जबकि अन्य का मानना है कि पारदर्शिता और कार्यकर्ता‑आधारित टिकट आवंटन की बात तर्कसंगत है। आगामी विधानसभा चुनावों में यह बयान सियासी बहस को और तेज कर सकता है।
स्रोत: अमर उजाला

