लखीमपुर खीरी। जिले में भारत का पहला ऐसा प्लांट स्थापित हो रहा है जहाँ चीनी के सह-उत्पाद से प्लास्टिक बनाया जाएगा। इस परियोजना के लिए बेल्जियम की एक दैत्याकार मशीन इंस्टॉल की जा रही है।
मशीन का आकार बड़ा है और उसे साइट तक लाने के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं। मशीन को डाफी टोल प्लाजा के पहले लगे बोर्ड हटाकर उत्तर की ओर बन रहे वैकल्पिक रास्ते से निकाला जाएगा।
परिवहन और तैयारियों का काम
रास्ते पर बिजली के खंभे भी हटाए जा रहे हैं ताकि मशीन सुरक्षित ढंग से लाई जा सके। लगातार हो रही बारिश के कारण मार्ग की मरम्मत के लिए एक टीम काम कर रही है। इस दौरान एनएचएआई की टीम और स्थानीय पुलिस भी मौजूद है ताकि परिवहन में व्यवस्था बनी रहे।
प्लांट में चीनी के सह-उत्पाद से उच्च गुणवत्ता वाला प्लास्टिक निर्मित होगा। इससे पर्यावरण को लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है क्योंकि कच्चे माल के रूप में बायप्रोडक्ट का उपयोग होगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और असर
स्थापना से इलाके में औद्योगिक गतिविधि बढ़ने की उम्मीद है। परियोजना से रोजगार के अवसर और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की आशा व्यक्त की जा रही है।
स्थानीय लोगों एवं प्रशासन को अब आगे आने वाले दिनों में मशीन की इंस्टॉलेशन प्रक्रिया और प्लांट के संचालन का पूरा विवरण जारी किया जाएगा। प्रभावित रास्तों और बिजली के जम्पर हटाने जैसे कामों में कोई बाधा दिखने पर प्रशासन से संपर्क करने के निर्देश हैं।
स्रोत: दैनिक जागरण

