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महोबा: 50 बेड के आयुर्वेद अस्पताल के लिए 1 एकड़ जमीन अब तक नहीं मिली

तीन साल से अधिक बीत जाने के बाद भी अस्पताल की जमीन नहीं मिली है, जिससे आयुर्वेद सेवाओं का लाभ स्थानीय मरीजों तक नहीं पहुँच पा रहा है।

महोबा: 50 बेड के आयुर्वेद अस्पताल के लिए 1 एकड़ जमीन अब तक नहीं मिली
फोटो: अमर उजाला

महोबा। शहर में प्रस्तावित 50 बेड के आयुर्वेद अस्पताल का निर्माण जमीन न मिलने के कारण ठहर गया है। तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अभी तक उस लगभग एक एकड़ जमीन का चुनाव नहीं हो पाया है।

यह अस्पताल आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इसमें भर्ती सुविधा भी रहेगी और इससे ग्रामीण व शहरी मरीजों को पारंपरिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलना था।

भू-समस्या कारण परियोजना लटकी

जिला आयुष समिति ने तीन साल पहले इस अस्पताल की रूपरेखा बनाई थी और जमीन उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए थे। परियोजना के लिए करीब एक एकड़ जमीन चाहिए जो शहर या उसके आसपास मिल सकती थी। हालांकि अधिकारियों ने कुछ स्थान देखे, पर वे भूमि उपयुक्त नहीं पाईं।

भूमि न मिलने से अस्पताल का काम आगे नहीं बढ़ पाया है। स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं में आयुर्वेद विधियों के समावेश की उम्मीद अब स्थगित हो गई है। इससे उन मरीजों को भी परेशानी हो रही है जो आयुर्वेदिक उपचार के लिए एक नजदीकी सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे थे।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक, आयुष मिशन, अमित देवरिया ने कहा, “50 बेड के आयुर्वेद अस्पताल के निर्माण के लिए जमीन की तलाश जारी है।” उन्होंने बताया कि शहर अथवा शहर के आसपास जमीन मिलने पर ही अस्पताल का निर्माण शुरू किया जाएगा।

स्थानीय लोग भी इस परियोजना के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। कई मरीजों ने कहा कि दूर के शहरों तक जाने से समय और खर्च बढ़ता है। प्रशासन ने कहा है कि जमीन मिलने पर आगे की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा।

आगे की कार्रवाई

अब अधिकारियों को उपयुक्त जमीन की पहचान कर नीलामी या हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जिन लोगों को अस्पताल सुविधाओं की जरूरत है, उन्हें फिलहाल नजदीकी केन्द्रों पर ही उपचार कराना होगा।

स्रोत: अमर उजाला

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Vikas Kumar

Vikas Kumar

कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।