शामली। पंचायतों की ऑनलाइन पारदर्शिता के लिए चलाए जा रहे ई‑ग्राम स्वराज पोर्टल पर लगे भुगतान रेकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने का मामला सामने आया है। औरंगाबाद तथा आसपास के गांवों के कई विकास कार्यों के भुगतान दस्तावेजों के बजाय किसी बुजुर्ग महिला की तस्वीर और धुंधले पर्चे अपलोड पाए गए हैं।
सबसे ज्यादा अनियमितता औरंगाबाद में देखी गई जहां 20 से अधिक भुगतानों में बिल की जगह गांव की बुजुर्ग महिला सरोज पत्नी सतीश कश्यप की फोटो ही अपलोड कर दी गई। मई में प्राथमिक विद्यालय में इनवर्टर लगवाने के नाम पर 40,650 रुपये की एंट्री है जिसमें बिल के बजाय यही फोटो लगी है।
किस गांव में क्या मिला
महीने के अन्य रिकॉर्डों में भी समान तस्वीर दिखी। मई में सफाई कार्य के 48,040 रुपये, मजदूर भुगतान के 48,040 रुपये और लेबर भुगतान के 48,040 रुपये के रिकार्ड में बिल की जगह सरोज का फोटो प्रयोग हुआ। जून में सफाई कार्य के 6,120 रुपये, मजदूर कार्य के 12,000 रुपये, संचारी रोग नियंत्रण के 12,920 रुपये, नाला कार्य के 17,000 रुपये और मजदूर कार्य के 11,900 रुपये सहित 20 से अधिक कार्यों के भुगतान में भी यही फोटो अपलोड पाई गई।
गुराना में छह सितंबर को दर्ज 6,000, 25,587, 21,529, 25,900, 55,530 और 51,123 रुपये के अलग‑अलग भुगतानों के साथ एक ही धुंधला दस्तावेज अपलोड था, जिससे भुगतान का विवरण स्पष्ट नहीं हो रहा है। बुंटा गांव में 30 जुलाई को नौ भुगतानों, 1,67,061; 1,36,650; 1,26,280; 39,793; 19,205; 16,467; 12,000; 4,756; और 4,255 रुपये, के लिए भी एक ही धुंधला पर्चा दिखा। मादलपुर में भुगतान अरेंज कार्य के नाम पर पोर्टल पर कोरा पन्ना अपलोड मिला।
जिलाधिकारी आलोक यादव ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और पोर्टल पर अपलोड दस्तावेजों की तह तक जाँच कराने को कहा गया है। अधिकारियों ने कहा है कि गलत प्रविष्टियों की वजहों और जिम्मेदारों की पहचान की जाएगी।
गांवों में इस तरह के रिकॉर्ड मिलने पर स्थानीय लोग चिंतित हैं। कई ग्रामीणों ने कहा कि विकास कार्यों का पैसा सही ठिकानों पर गया या नहीं यह स्पष्ट होना जरूरी है। भविष्य में वे भी जांच के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।
जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई और आवश्यक सुधारों की सूची विभाग प्रकाशित करेगा। ग्रामीणों से कहा गया है कि अगर किसी भी भुगतान या दस्तावेज में विरोधाभास दिखे तो संबंधित ब्लॉक या जिला कार्यालय में शिकायत करें।
स्रोत: अमर उजाला

