सोनभद्र। शनिवार की सुबह घोरावल नगर के वार्ड नंबर चार स्थित अपने मकान में 62 वर्षीय रियल‑एस्टेट कारोबारी ओमप्रकाश भारद्वाज का शव बिस्तर पर पड़ा मिला। परिजनों और पुलिस ने शव देखकर हत्या की आशंका जताई है।
घटनास्थल पर गले पर दबाव के निशान दिखे। कमरे में रस्सी के टुकड़े और खून लगे कपड़े भी पाए गए। सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी है।
परिवार व कारोबार का ब्यौरा
ओमप्रकाश भारद्वाज पुत्र राम निहोर मूलत: वाराणसी के कपसेठी थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव के रहने वाले थे। वह मुंबई में फ्लैट निर्माण और बिक्री का कारोबार करते थे और पिछले करीब छह वर्षों से घोरावल में भी रियल‑एस्टेट का व्यापार चला रहे थे। घोरावल के कई मार्गों पर उनकी जमीन बताई जाती है और वाराणसी व मुंबई में भी उनके मकान बताए गए हैं।
परिवार के अनुसार उनकी पत्नी और बेटी मुंबई में रहती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार शाम उनके दोनों बेटे विकास और आकाश घोरावल से लगभग छह किलोमीटर दूर धुरकरी गांव स्थित हनुमान मंदिर गए थे, जहां बाटी‑चोखा बना था। रात में दोनों बेटे पिता के लिए खाना लेकर घर पहुंचे थे।
परिवार ने बताया कि कारोबारी ने फोन पर कहा कि कुछ कारोबारी मित्र आए हैं और जगह कम है, इसलिए रात का खाना नहीं खाएंगे और बेटों से कहा कि वे मंदिर जाकर सो जाएँ। दोनों बेटे मंदिर चले गए और सुबह लौटे तो दरवाजा खोलने के लिए पिता को मोबाइल पर फोन किया।
फोन का जवाब नहीं मिलने पर दोनों बेटे मकान के पीछे से दाखिल हुए और अंदर बिस्तर पर पिता का शव देखकर चिल्ला उठे। आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर प्राथमिक जांच शुरू कर दी है और फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है। आगे की जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीन से मिले सबूतों पर स्पष्टता आएगी।
स्रोत: अमर उजाला

