मिर्ज़ापुर। उच्च शिक्षा में डिजिटल शिक्षण को बढ़ाने के मकसद से श्रीमती इंदिरा गांधी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, लालगंज में दो और स्मार्ट क्लास शुरू करने की तैयारी है। शुक्रवार को क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. रमोद कुमार मौर्य टीम के साथ महाविद्यालय पहुंचकर भौतिक सत्यापन कर गए।
सत्यापन में उन्होंने उपलब्ध तकनीकी संसाधनों, कक्षाओं की व्यवस्था और विद्यार्थियों को मिल रहे लाभ का बारीकी से निरीक्षण किया। इस जांच के बाद ही शासन स्तर से अनुमति जारी होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
सत्यापन और शिक्षण व्यवस्था
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य डॉ. अजीत प्रताप सिंह से स्मार्ट क्लास के संचालन, विद्यार्थियों की संख्या और शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। शिक्षकों से विषयवार संवाद कर कक्षाओं के संचालन और उपकरणों के उपयोग की स्थिति जानी गई।
शिक्षकों ने बताया कि स्मार्ट क्लास के जरिये जटिल विषयों को दृश्य माध्यम से समझाना सरल हो गया है और इससे विद्यार्थियों की समझ में सुधार आया है। डॉ. अभय चंद्रा, डॉ. अंबेश्वरी पांडे, डॉ. अनुपम मिश्रा और डॉ. शिवांगी पांडे ने शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थियों की भागीदारी पर अपने अनुभव बताये।
डॉ. दिव्या सिंह ने कॉलेज के वातावरण का अवलोकन किया जबकि डॉ. राम प्रकाश पाल ने कहा कि विज्ञान के विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि स्मार्ट क्लास के कारण बढ़ी है। इस दौरान सुशील दुबे, नंदलाल, आशुतोष दुबे, शमला शंकर पटेल और बालकृष्ण मौर्य भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारी ने छात्राओं से भी बातचीत की और स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई में मिलने वाली सुविधाओं का पता लगाया। प्राचार्य डॉ. अजीत प्रताप सिंह ने कहा कि महाविद्यालय में आधुनिक शिक्षण संसाधनों के उपयोग को और बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
दो नए स्मार्ट क्लास शुरू होने से विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से अध्ययन के लिए अतिरिक्त सहूलियत मिलेगी। भौतिक सत्यापन के बाद शासन से अनुमोदन मिलते ही कक्षाओं की स्थापना और संचालन की औपचारिक कार्यवाही पूरी की जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

