मुरादाबाद। शहर में रामलीला की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच गयी हैं। कई जगहों पर मंच और दर्शक बैंचों की व्यवस्था हो रही है और साउंड, रोशनी तथा सजावट को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
शहर में करीब चार प्रमुख स्थानों पर रामलीला का मंचन होगा। लाइनपार रामलीला मैदान में मंच का ढांचा बन रहा है और कारीगर वहां सजावट में लगे हुए हैं। कुछ स्थानों पर रामलीला पांच अक्तूबर से शुरू होने की तैयारी में है।
मुख्य कार्यक्रम और आकर्षण
दसवां घाट पर रामगंगा के तट पर होने वाला केवट संवाद इस बार दर्शकों के लिए खास आकर्षण होगा। इस कार्यक्रम में केवट समाज के लोग प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ नदी पार करने का सजीव मंचन करेंगे। केवट प्रभु के पैर पखारकर उन्हें नाव में बैठाते और रामगंगा पार कराते हैं और फिर तट पर वापस लाकर उन्हें कंधों पर उठाकर मंच तक ले जाया जाता है।
प्राचीन श्री रामलीला कमेटी ने बताया है कि दसवां घाट की रामलीला का शुभारंभ 9 अक्तूबर को मुकुट पूजन और श्री गणेशजी की शोभायात्रा से होगा। शोभायात्रा रात आठ बजे श्री 84 घंटा मंदिर से रामलीला स्थल के लिए रवाना होगी और मंचन प्रतिदिन रात 8:30 बजे से शुरू होगा।
रामलीला स्थल पर इस बार 40 फीट ऊँचा रावण का पुतला रखा जाएगा। इसकी आँखें स्वचालित होंगी और रेडियम से बनाई जाने वाली आँखें रात में चमकेंगी। कमेटी ने आसपास की सड़कों पर सफाई, प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग नगर निगम और पुलिस प्रशासन से की है।
लाजपत नगर की रामलीला में भी तैयारियाँ अंतिम चरण पर हैं। समिति के मंत्री श्याम कृष्ण रस्तोगी ने बताया कि आयोजन पर करीब आठ लाख रुपये खर्च होंगे, जिनमें लगभग ₹4.50 लाख कलाकारों पर ही खर्च किए जाएंगे। इस बार 25 कलाकार मंचन के लिए आएंगे और मैदान में करीब तीन हजार श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की गई है।
आगे की व्यवस्था
अधिकारियों ने दर्शकों की सुरक्षा और बेहतर आयोजन के लिए प्रकाश, साउंड और बैठने की व्यवस्थाएँ अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। आयोजन स्थल आने वाले लोगों को भी यातायात और पार्किंग की जानकारी के अनुसार समय पर पहुंचने की सलाह दी जा रही है।
स्रोत: अमर उजाला

