मुज़फ्फरनगर। बसेड़ा निवासी अर्जुन देशवाल ने जापान के आइची नागोया में खेले गए एशियाड में कबड्डी में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। फाइनल में भारत ने ईरान को छह अंकों से हराया और पूरे गांव में खुशियाँ लौट आईं।
अर्जुन की जीत पर बसेड़ा में मिठाई बांटी गई और घर पर उत्सव मनाया गया। मैच देखने का इंतजाम किया गया था। इस मौके पर अर्जुन के भाई आर्यन देशवाल के साथ योगेंद्र कुमार, सुनील कुमार, हिमांशु, वासु, टीनू देशवाल, जितेंद्र, महिपाल सिंह, जोराबर सिंह, पीटीआई विपिन त्यागी और राहुल गर्ग भी मौजूद रहे।
पारिवारिक और ग्रामीण समर्थन
अर्जुन के परिवार में पिता चरण सिंह, मां सीमा देवी, भाई आर्यन और पत्नी नेहा चौधरी हैं। परिवार और पूरे गांव ने शुरू से ही अर्जुन का हौसला बढ़ाया। छोटे से उम्र में ही खेल के प्रति उनका जुनून दिखा और गांव के लोगों ने उन्हें प्रोत्साहित किया।
अर्जुन ने कबड्डी खेलना 2005-06 में शुरू किया। वे बचपन से ही प्रभावशाली रेडर रहे हैं और प्राथमिक विद्यालय बसेड़ा नंबर-1, हैरिटेज पब्लिक स्कूल तथा जनता जनार्दन स्कूल की टीमों से खेलते रहे। उनके कोच पुरकाजी और मलकपुरा में कार्यरत शिक्षामित्र धर्मेंद्र देशवाल ने बताया है कि 1999 से उसी प्राइमरी स्कूल में कबड्डी का मैदान है जहां से कई खिलाड़ियों ने जिले का नाम बनाया।
अर्जुन प्रो-कबड्डी लीग में तमिल टीम का हिस्सा रह चुके हैं और कबड्डी प्रीमियर लीग के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी रहे हैं। यह उनका दूसरा एशियाड पदक है; 2022 में वे चीन के हांगझोऊ की विजेता टीम में थे। उन्हें यूपी का लक्ष्मण पुरस्कार भी मिल चुका है।
अर्जुन को खेल कोटे से डीएसपी बनाया गया था और फिलहाल उनकी तैनाती पीएसी मुरादाबाद में है। वहां से वे पुलिस व सर्विसेज की टीमों के लिए भी खेलते हैं। गांव में अब उनकी उपलब्धि पर गर्व का माहौल है और कई युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिली है।
अगले दिनों गांव में स्थानीय स्कूलों और क्लबों में उनकी सफलता का जश्न जारी रहने की उम्मीद है। खेल के प्रति रुचि रखने वाले युवाओं के लिए अर्जुन की कहानी प्रेरणा बनी रहेगी।
स्रोत: अमर उजाला

