मुज़फ्फरनगर। शनिवार को बारिश के बीच कश्यप समाज के लोगों ने डीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कश्यप एकता क्रांति मिशन एवं महर्षि कश्यप एकता संगठन के संयुक्त मोर्चा ने किया।
प्रदर्शन की मुख्य मांगें और कार्यवाई
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कश्यप, कहार, केवट, मल्लाह, निषाद, धीवर समेत कुल 16 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल या परिभाषित किया जाये। उपजिलाधिकारी राहुल देव भट्ट को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने कहा कि सरकार को जल्द कदम उठाने चाहिए वरना आगे भी कदम उठाए जाएंगे।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अलग-अलग सरकारों ने समर्थन और वोट लेने के बाद इन जातियों के अधिकारों की अनदेखी की है। प्रदर्शन में यह भी कहा गया कि कई मामलों में प्रशासन और पुलिस पीड़ितों के साथ राजनीतिक या व्यक्तिगत दबाव में दुर्व्यवहार करते हैं।
स्थिति का सामाजिक असर
प्रदर्शनकारियों ने यह गंभीर आरोप भी लगाए कि पिछले करीब छह माह में समाज के लगभग 30 लोग मारे जा चुके हैं। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द 16 जातियों को एससी सूची में शामिल नहीं किया गया तो वे आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार के खिलाफ एकजुट होकर राजनीतिक विरोध करेंगे।
धरने में प्रदेश अध्यक्ष कश्यप एकता क्रांति मिशन संगठन अंकित कश्यप, प्रदेश अध्यक्ष आदेश कश्यप, संस्थापक अजय कश्यप, राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कashyप, राष्ट्रीय अध्यक्ष महर्षि कश्यप एकता संगठन मास्टर सुशील कश्यप, जिला अध्यक्ष मोहित कश्यप और अन्य नेता मौजूद रहे।
अब आगे की कार्रवाई के रूप में स्थानीय संगठन जनहित और राजनीतिक स्तर पर दबाव बनाना जारी रखने की बात कर रहे हैं। प्रशासन ने फिलहाल ज्ञापन ग्रहण कर लिया है और स्थिति पर नजर बनाए रखी है।
स्रोत: अमर उजाला

