प्रयागराज। वक्फ की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है और कोतवाली थाने में FIR दर्ज कर ली गई है। यह मामला शहराराबाग स्थित ईदगाह के नाम दर्ज जमीन से जुड़ा है और शिकायतकर्ता का कहना है कि संपत्ति का गलत तरीके से दानपत्र कराया गया।
उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की इंतजामिया कमेटी के सचिव निसार अहमद खान ने बताया कि शहराराबाग की आराजी-42 में करीब नौ बिस्वा भूमि वर्ष 1986 के वक्फ गजट नोटिफिकेशन में ईदगाह के रूप में दर्ज है। नगर निगम के अभिलेखों में यह संपत्ति 17/17 चारू चंद्र मित्रा रोड के रूप में भी दर्ज है।
शिकायत और दावे
शिकायत में आरोप लगाया गया कि मोहम्मद शोएब फारूकी ने उक्त संपत्ति अपने बेटे उमर फारूकी के नाम 24 सितंबर 2022 को पंजीकृत दानपत्र के जरिए कर दी। शिकायतकर्ता का कहना है कि वक्फ संपत्ति हड़पने के इरादे से गलत हलफनामा और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर दानपत्र कराया गया।
पहले शिकायतकर्ता ने पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने जांच के बाद मामले को संपत्ति विवाद बताकर निस्तारित कर दिया था, जिससे असंतोष बढ़ा और शिकायतकर्ता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
न्यायालय का आदेश और आगे की कार्रवाई
न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने निसार अहमद खान की शिकायत पर मोहम्मद शोएब फारूकी और उमर फारूकी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर वक्फ की संपत्ति हड़पने के आरोप में FIR दर्ज की है। पुलिस ने मामले की प्राथमिकी कर कानूनी कार्रवाई व जाँच शुरू कर दी है।
जाँच के दौरान पुलिस दस्तावेजी सबूत और पंजीयन रिकॉर्ड की पड़ताल करेगी। स्थानीय वक्फ बोर्ड और नगर निगम के अभिलेखों का मिलान भी किया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि दानपत्र पंजीकरण में कौन-कौन से दस्तावेज प्रस्तुत हुए थे।
अधिकारियों ने कहा है कि जल्द ही संदिग्ध दस्तावेजों की सत्यता पर काम होगा और आवश्यक होने पर संबंधित पक्षों से पूछताछ की जाएगी। प्रभावित लोगों के लिए फिलहाल कोई और निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
स्रोत: अमर उजाला

