शाहजहांपुर। रामगंगा और बहगुल नदियों का जलस्तर बढ़ने से जिले के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। मंगलवार से पानी तेज बहाव के साथ बढ़ रहा है और कई गांव जलमग्न हो गए हैं।
पुल निरीक्षण में पाया गया कि रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 76 सेंटीमीटर ऊपर है। कसारी गांव को जाने वाली सड़क पर करीब 300 मीटर हिस्से में तेज बहाव के साथ पानी सड़क के ऊपर से गुजर रहा है। तिकोलाघाट समेत कई गांवों के रास्ते भी जलमग्न हैं और लगभग तीन दर्जन गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं।
स्थानीय हालात और प्रभावित इलाकें
खेतों में पहले से भरा पानी और तेज बहाव मिलने से कई एकड़ फसल पूरी तरह डूब चुकी है। तेज बहाव के कारण लोगों को नाव और मोटरबोट के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। बाढ़ के बीच बीमार लोगों, बच्चों और पशुओं के लिए ग्रामीण चिंतित हैं और सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं।
मड़ैया गुजरान निवासी जगदीश और चितरऊ निवासी बलबीर व रघुनंदन ने कहा, “पिछले तीन वर्षों में इतनी विकराल बाढ़ नहीं आई।” ग्रामीणों का कहना है कि इस बार फसल के साथ घरों में रखा सामान भी खराब होने का डर है और कई परिवार आश्रय-और भोजन की व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं।
पुलिस प्रभावित गांवों में एनाउंस कर लोगों को पानी से दूर रहने और ऊंचे सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रही है। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों की निगरानी कर रही हैं और आवागमन के लिए नाव‑मोटरबोट की व्यवस्था कराई गई है।
तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है। आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत होने पर और मदद भेजी जाएगी।
राहत और बचाव के प्रयास
प्रशासन की टीम स्थानीय स्तर पर घर-घर जाकर स्थिति का आकलन कर रही है। जिन इलाकों की सड़के बंद हैं वहां बचाव टीमों द्वारा नाव से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रभावित लोग प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और ऊंचे स्थानों पर ही रहें।
स्रोत: अमर उजाला

