रामपुर। यूपी-112 की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में अगस्त तक लगातार नंबर एक पर रहा रामपुर सितंबर में एक पायदान नीचे खिसक गया। सितंबर की रैंकिंग में जिले को 92.84 अंक मिले और रामपुर प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा।
रामपुर का प्रदर्शन अब भी बेहतर माना जा रहा है, लेकिन इस बार जिले ने पहला स्थान खो दिया। एसपी अनिल सिंह शिशोदिया ने बताया कि अगस्त की रैंकिंग में प्रथम स्थान हासिल करने के बाद सितंबर में जिले की रैंकिंग एक पायदान गिर गई।
रैंकिंग के मानक
यूपी-112 की रैंकिंग एक ही आधार पर नहीं बनी है। इसमें पीआरवी (प्राथमिक रिस्पांस व्हीकल) के औसत प्रतिक्रिया समय, सूचना मिलने के बाद उसे स्वीकार करने का समय, घटनास्थल के लिए रवाना होने और वहां पहुंचने का समय प्रमुख आधार होते हैं।
इसके अलावा पीआरवी की उपलब्धता, फोन करने वाले की प्रतिक्रिया, आरओआईपी गतिविधि, घटना समापन व्यवस्था और समय से पहले घटनास्थल पर पहुंचने जैसी बातों का भी मूल्यांकन किया जाता है। इन मदों के आधार पर सभी जिलों को अंक दिए जाते हैं और रैंक तय होती है।
रामपुर का यूपी-112 प्रदर्शन लंबे समय से अच्छा रहा है। जिले ने वर्ष 2024 में सितंबर से दिसंबर तक प्रदेश में पहला स्थान पाया था। वर्ष 2025 में भी कई महीनों में रामपुर शीर्ष पर रहा।
- 2026 में रामपुर जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल, जून, जुलाई और अगस्त में प्रथम रहा।
- मई 2026 में रामपुर दूसरे स्थान पर था।
आगे की दिशा
एसपी कार्यालय के अनुसार अब आने वाले महीनों में रामपुर की रैंकिंग फिर से सुधार के लिए इन मानकों पर ध्यान दिया जाएगा। जिले की टीमों को पीआरवी की तत्परता और घटनास्थल तक पहुंच समय और फोन रिस्पॉन्स पर काम करना होगा।
स्थानीय लोगों और आपातकालीन सेवाओं की निगरानी करने वाले अधिकारी भी बताते हैं कि हर रिपोर्ट और समय दर रिकॉर्ड होने से रैंकिंग में उतार-चढ़ाव दिखते हैं। अगले रैंकिंग परिणाम आने पर यही मानक जिले की स्थिति तय करेंगे।
स्रोत: अमर उजाला

