रायबरेली। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट, लखनऊ के सर्च वारंट पर पुलिस ने शुक्रवार रात लालगंज कोतवाली क्षेत्र के अंबारा पश्चिम में एक लोकेटर के घर छापा मारा। कार्रवाई में लाखों रुपये की नकदी, कई चेक और मोबाइल/कंप्यूटर का डाटा बरामद हुआ है।
पुलिस ने बताया कि छापेमारी सीओ लालगंज सुजीत कुमार राय के निर्देशन में की गई। तलाशी रात करीब नौ बजे शुरू होकर देर रात लगभग दो बजे तक चली। बरामद नकदी और अन्य सामग्री को लखनऊ के भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट में पेश किया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह कार्रवाई 11 नवंबर 2025 को ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के मामले से जुड़ी पिछली कार्यवाही से जुड़ी है। उस कार्रवाई में स्पेशल टास्क फोर्स (यूपी एसटीएफ) ने कई लोगों के खिलाफ नाम दर्ज कराए थे और कुछ को गिरफ्तार किया गया था।
एसटीएफ के उपनिरीक्षक अमित कुमार तिवारी की तहरीर पर लालगंज कोतवाली क्षेत्र के अंबारा पश्चिम निवासी मोहित सिंह के अलावा अयोध्या जिले के बेजू पुरवा टिहुरा निवासी ट्रक चालक सुनील यादव, एआरटीओ प्रवर्तन फतेहपुर पुष्पांजली व उनके चालक सिकंदर, यात्रीकर अधिकारी (पीटीओ) फतेहपुर अखिलेश चतुर्वेदी व उनके चालक अशोक तिवारी, एआरटीओ प्रवर्तन रायबरेली अंबुज व उनके दीवान नौशाद, पीटीओ रायबरेली रेहाना व उनके चालक सुशील तथा मिथुन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
पुलिस का कहना है कि आरोप है लोकेटर ओवरलोड वाहनों को पास कराने के नाम पर अवैध वसूली करते थे। मामले की विवेचना पर लगी टीम बरामद डाटा की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार डाटा में कथित वसूली के संबंध में लोगों का ब्यौरा मौजूद हो सकता है। जांच के आधार पर अन्य लोगों के नाम विवेचना में जोड़े जा सकते हैं।
आगे की कार्रवाई
विवेचक अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि आरोपी मोहित के घर की तलाशी ली गई और बरामद सामान की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद अगला कदम तय किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर और कार्रवाइयां की जा सकती हैं। स्थानीय लोग घटना से चिंतित हैं और पुलिस से शीघ्र निष्कर्ष की उम्मीद कर रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

