सहारनपुर। केंद्र सरकार द्वारा यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव के विरोध में शुक्रवार को शहर के विभिन्न व्यापारिक संगठन सड़कों पर उतर आए और ‘नो यूपीआई डे’ मनाया। गांधी पार्क व अंसारी रोड स्थित व्यापारिक कार्यालयों के सामने पदाधिकारियों व व्यापारियों ने विरोध-प्रदर्शन किया।
गांधी पार्क में महात्मा गांधी की मूर्ति के पास सहारनपुर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने एमडीआर के प्रस्ताव के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में व्यापारियों ने बाजुओं पर काली पट्टी बाँधी और ग्राहकों से ऑनलाइन भुगतान नहीं लेने की शपथ ली।
मुख्य मांगें और नेताओं की प्रतिक्रिया
महानगर अध्यक्ष मुकुंद मनोहर गोयल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “भारत सरकार को यूपीआई पर लगाए गए शुल्क को तत्काल वापस लेना चाहिए।” गोयल ने कहा कि व्यापारियों ने हमेशा सरकार के निर्णयों का स्वागत किया है और जीएसटी व ई-वे बिल जैसी व्यवस्था में सहयोग दिया है, पर अब इस निर्णय पर विचार किया जाना चाहिए।
संपूर्ण उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने अंसारी रोड स्थित कार्यालय पर भी विरोध किया। महानगर महामंत्री अजय शर्मा, महानगर कोषाध्यक्ष साहिल गाबा, अंकित जैन व संजय मोहन गुप्ता सहित कई पदाधिकारी वहां मौजूद रहे और विरोध-प्रणाली में भाग लिया।
महानगर अध्यक्ष विवेक मनोचा व वरिष्ठ महामंत्री सुरेंद्र मोहन सिंह चावला ने बताया कि आज व्यापार का बड़ा हिस्सा डिजिटल भुगतान पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि यूपीआई ने छोटे से बड़े व्यापारियों तक भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाया है और डिजिटल भुगतान पर कोई अतिरिक्त लागत व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है।
प्रदर्शन में संजय मसीन, राजकुमार विज, महेश नारंग, राजीव मदान, अशोक छाबड़ा, नीरज जैन, दीपक खेड़ा और मुकेश दत्ता जैसे व्यापार नेता भी उपस्थित रहे। व्यापारिक संगठनों ने केंद्र से प्रस्तावित शुल्क को वापस लेने और व्यापारियों की समस्या पर सकारात्मक वार्ता की मांग की है।
आगे क्या होगा: व्यापारिक संगठनों ने कहा है कि यदि सरकार उनकी मांग नहीं मानती तो वे और सख्त कार्यक्रम कर सकते हैं और व्यापारी एकजुट होकर आवश्यक कदम उठाएंगे।
स्रोत: अमर उजाला

