सुल्तानपुर। जिले के 28 पीएम श्री विद्यालयों में बच्चों को प्रकृति से जोड़ने के लिए हर्बल और औषधीय उद्यान विकसित किए जाएंगे। यह घोषणा क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारियों की योजना के तहत की गई है और काम जल्द शुरू होगा।
जिले में 22 कंपोजिट और 6 प्राथमिक विद्यालय पीएम श्री योजना में शामिल हैं। प्रत्येक विद्यालय को उद्यान विकसित करने के लिए अलग‑से बजट दिया जाएगा और उद्यान बनाने की कार्रवाई प्रधानाचार्य की देखरेख में होगी।
उद्यान में होने वाले पौधे
उद्यानों में अश्वगंधा, तुलसी, गिलोय, एलोवेरा, नीम, हरड़ और आंवला जैसे औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। सुगंधित और उपयोगी पौधों में लेमनग्रास, पुदीना, शतावरी और सिट्रोनेला शामिल होंगे। इसके साथ ही गेंदा, हल्दी, अदरक और सहजन जैसे उपयोगी पौधे भी रोपे जाएँगे।
पौधों के नाम विद्यालय परिसर में प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि विद्यार्थी उन्हें पहचान सकें। पौधों का चयन उस मिट्टी और जलवायु के अनुरूप किया जाएगा ताकि वे अच्छे से पनप सकें और रखरखाव में परेशानी न हो।
जिला समन्वयक निर्माण हरিশंकर ने बताया कि इन उद्यानों को विद्यालय की स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पुनर्चक्रण जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। उद्यान स्कूल परिसर को हरित बनाने के साथ-साथ बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का माध्यम भी बनेंगे।
बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने कहा कि उद्यानों के जरिये बच्चों को पौधों की पहचान और संरक्षण का व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा। इससे बच्चों में पर्यावरण के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे अपने घर व आसपास भी पौधे लगाने के लिए प्रेरित होंगे। शिक्षकों को कृषि और उद्यान विभाग से तकनीकी जानकारी दी जाएगी ताकि उद्यानों का सतत रखरखाव हो सके।
परियोजना के लागू होने पर स्कूलों में पर्यावरण क्लब और बाल संसद के सदस्यों को पौधों की देखभाल में शामिल किया जाएगा। अगले चरण में विद्यालयों को दिए बजट के आधार पर पौधारोपण और नाम‑पटल लगाने का कार्य पूरा कराया जाएगा।
स्रोत: अमर उजाला

