सिद्धार्थनगर। ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच युद्ध के बीच रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। यह बढ़ोतरी रसोई गैस सिलिंडरों पर भी लागू कर दी गई है और जिले के उपभोक्ता इससे चिंतित हैं।
घरेलू गैस सिलिंडर के दाम में 60 रुपये का इजाफा हुआ है। वहीं व्यापारिक प्रतिष्ठानों, होटलों और रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल सिलिंडर की कीमत में 115 रुपये की वृद्धि की गई है। इन बढ़ोतरी से हजारों उपभोक्ता प्रभावित होंगे।
किस तरह पड़ेगा असर
गृहिणियों का कहना है कि रसोई का हर माह का बजट पहले से तय होता है और वे उसी हिसाब से पैसे अलग करती हैं। घरेलू सिलिंडर की कीमत बढ़ने से मासिक व्यय पर सीधा असर होगा। कई घरों में पहले से ही खर्च की मार रहती है, अब यह भार और बढ़ जाएगा।
होटल और रेस्तरां जैसे व्यावसायिक उपभोक्ता भी महंगाई से परेशान हैं। कॉमर्शियल सिलिंडर की कीमत में बढ़ोतरी के बाद इनके परिचालन लागत में वृद्धि होगी, जिसका असर ग्राहक को भी भुगतना पड़ सकता है।
विस्तार से देखा जाए तो पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बाद पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। हालांकि सरकार ने यह भी कहा है कि पर्याप्त स्टॉक मौजूद हैं, फिर भी अभी हुई बढ़ोतरी ने लोगों की चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
स्थानीय लोग और व्यापारी अब आने वाले समय में और बढ़ोतरी की संभावना को लेकर सतर्क हैं। पहला लक्ष्य घरेलू गैस की सप्लाई सुचारु रखना बताया जा रहा है। प्रशासन या वितरक की ओर से भविष्य में अगर कोई और जानकारी या राहत पैकेज आता है तो उसे ध्यान से देखा जाएगा।
स्रोत: अमर उजाला

