हसनगंज। मौला बाकीपुर गांव के बाहर स्थित नाला बंद होने के कारण आसपास कई गांवों में जलभराव देखा जा रहा है। शनिवार को नहर विभाग ने जेसीबी की मदद से नाले की सफाई शुरू करवा दी।
नाले के बंद होने से गजफ्फरनगर, पंचमखेड़ा, पचगहना, शिवपुरी, रायखेड़ा और तेगापुर समेत आसपास के कई गांवों में पानी जमा हो गया है और खेत जलमग्न हो गए हैं। तेज बारिश व बाढ़ की आशंका के चलते ग्रामीण परेशान हैं।
स्थानीय विरोध और प्रशासन की कार्रवाई
ग्रामीणों ने शुक्रवार को विधायक ब्रजेश रावत के आवास पर जाकर समस्या बताई और नाले की सफाई की मांग की। विधायक के निर्देश पर देर शाम करीब आठ बजे एसडीएम शालिनी सिंह तोमर, कोतवाल शरद कुमार और क्राइम इंस्पेक्टर अनिरुद्ध सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
नहर विभाग के कर्मचारियों ने जेसीबी से नाला खोलने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस नेता मुनेश्वर रावत ने विरोध किया। विवाद के चलते पहली बार प्रशासन की टीम मौके से लौट गई।
शनिवार को सीओ तेज बहादुर सिंह और कोतवाल शरद कुमार पुलिस बल के साथ पुनः मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी से बंद नाले की सफाई का काम शुरू करवा दिया गया और पानी निकालने की कोशिशें तेज हुईं।
कांग्रेस नेता मुनेश्वर रावत का तर्क है कि “नाला बंद है लेकिन जरूरत के अनुसार पानी निकल रहा है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाढ़ की स्थिति है, ऐसे में नाला खुलने से बाढ़ कम नहीं होगी।
एसडीएम शालिनी सिंह तोमर ने कहा कि “नाला बंद था। जेसीबी से सफाई शुरू करा दी गई है। जल्द ही पानी घटने से लोगों को जलभराव की समस्या से निजात मिल जाएगी।” प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी और राहत को प्राथमिकता दी है।
प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। प्रशासन ने स्थानीय किसानों और ग्रामीणों से संयम बरतने तथा आवश्यक होने पर निकटतम अधिकारियों से संपर्क करने को कहा है।
स्रोत: अमर उजाला

