लखनऊ। रात में अकेले कैब से लौटते समय असहज महसूस होना आम बात है। ऑफिस से देर से निकलना या जरूरी काम के कारण महिलाएं अक्सर अकेली कैब लेती हैं, पर सफर के दौरान छोटे‑छोटे संकेतों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
सबसे पहले किसी भरोसेमंद व्यक्ति को फोन करके बताएं कि आप किस कैब में हैं और कहां जा रही हैं। अपनी लाइव लोकेशन तुरंत शेयर कर दें ताकि कोई आपको रियल‑टाइम में ट्रैक कर सके। कैब बुक होने के बाद ऐप में दिखने वाला ड्राइवर का नाम, गाड़ी का नंबर और ट्रिप की जानकारी का स्क्रीनशॉट लेकर भेज दें।
रास्ते और व्यवहार पर सतर्कता
अगर ड्राइवर बिना वजह रास्ता बदलने लगे या बार‑बार पीछे मुड़कर देखने जैसा व्यवहार दिखाए तो सीधे पूछें कि रास्ता क्यों मोड़ा जा रहा है। जरूरत महसूस होने पर उसे कहें कि गाड़ी किसी सुरक्षित और भीड़ वाली जगह पर रोक दे। सुनसान जगह पर उतरने से बचें और बहस करने के बजाय अपना बचाव प्राथमिकता दें।
फोन में पहले से इमरजेंसी एसओएस और भरोसेमंद संपर्क सेट कर लें। सफर शुरू करने से पहले फोन की बैटरी की जाँच कर लें ताकि जरूरी समय पर कॉल या मैसेज भेजना संभव रहे। अगर फोन पर बात करना मुश्किल हो तो मैसेज करके भी स्थिति बताई जा सकती है।
यदि स्थिति आपके नियंत्रण से बाहर दिखे या आपकी सुरक्षा के लिए तत्काल खतरा हो तो भारत में उपलब्ध आपातकालीन मदद के लिए 112 पर कॉल करें। कॉल करते समय अपनी लोकेशन बताने की कोशिश करें और आसपास की दुकान, पेट्रोल पंप या होटल जैसी भीड़ वाली जगह की ओर जाने की कोशिश करें।
संक्षेप में, संदिग्ध व्यवहार पर चुप रहने के बजाय समझदारी से कदम उठाएँ। लाइव लोकेशन शेयर करना, ड्राइवर व गाड़ी की जानकारी भेजना और जरूरत पड़ने पर 112 पर कॉल करना ऐसी आदतें हैं जो रात के सफर को सुरक्षित बना सकती हैं।
स्रोत: अमर उजाला

