लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चार दिन की लगातार बारिश के बाद रविवार दोपहर से बारिश थम गई। हालांकि रविवार को राज्य के विभिन्न जिलों में मकान और पेड़ गिरने की घटनाओं में 33 लोगों की मौत दर्ज की गई।
रविवार को अवध क्षेत्र के अलग-अलग जिलों में हुए हादसों में 11 लोगों की मौत हुई। सूची में सीतापुर में 3, बलरामपुर में 3 तथा श्रावस्ती, बहराइच, अमेठी, बाराबंकी और गोंडा में एक-एक मौत दर्ज हुई। रामपुर में मकान गिरने से 2 और संभल में 1 व्यक्ति की मौत हुई। रामपुर में बारिश का पानी निकालते समय करंट लगने से एक महिला की भी जान चली गई।
अन्य जिलों में हरदोई और फर्रुखाबाद में तीन-तीन, कानपुर देहात में दो और उन्नाव में एक मौत हुई। बरेली में छह और प्रतापगढ़ में दो महिलाओं की मौतें रिपोर्ट हुईं। बेवर में दीवार गिरने से एक किसान की मौत हुई। कुल मिलाकर प्रदेश में रविवार तक 33 लोगों की मृत्यु हुई।
बारिश का माप और नुकसान
फर्रुखाबाद में सबसे अधिक 320 मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई। गोरखपुर में 234.2 मिमी और लखीमपुर खीरी में 195 मिमी बारिश दर्ज हुई। प्रशासन ने सूचनाओं के अनुसार 1021 मकान क्षतिग्रस्त पाए हैं और प्रभावितों को मदद उपलब्ध कराने की कार्रवाई चल रही है।
राहत आयुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद ने जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों के साथ रविवार को राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद करने और फसल क्षति का सर्वेक्षण व आकलन कर सहायता देने के निर्देश दिए।
“बाद मौसम के साफ होने के साथ दिन के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। बारिश और हवाओं की रफ्तार कम होने के साथ अगले एक सप्ताह में अधिकतम तापमान करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।” – अतुल कुमार सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र
आवागमन और बिजली की समस्याओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने सोमवार को नर्सरी से कक्षा 12 तक सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखने का आदेश जारी किया। डीएम प्रियंका निरंजन ने बीएसए और डीआईओएस को इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। डीआईओएस डॉ. रामचंद्र ने भी सभी शिक्षण संस्थानों को आदेश का पालन करने को कहा और बताया कि सोमवार को स्कूलों में पठन-पाठन नहीं होगा।
मौसम तंत्र में कमी के चलते सोमवार से बारिश की गतिविधियां घटेंगी, पर कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी बनी रह सकती है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में दल भेजकर क्षति का आंकलन और राहत कार्य आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
स्रोत: अमर उजाला

