आगरा। इंटरनेशनल शू कंपोनेंट, लेदर, फुटवियर, मशीनरी फेयर “मीट एट आगरा” का 18वां संस्करण शनिवार से सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में शुरू हो गया है। यह प्रदर्शनी 3 अक्तूबर से 5 अक्तूबर तक चलेगी और हर दिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक विजिटर्स आ सकेंगे।
तिन हॉल में कुल 250 स्टॉल लगाए गए हैं जहाँ फुटवियर के कंपोनेंट, मैटेरियल, मशीनरी और नई तकनीक दिखाई जाएगी। इसके साथ ही पहली बार चीन की कंपनियां अपने स्टॉल लगाएंगी और चाइना पवेलियन को मुख्य आकर्षण बताया जा रहा है।
प्रदर्शनी का आयोजन और कार्यक्रम
फेयर का आयोजन आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (एफमेक) कर रहा है। एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने प्री‑कॉनफ्रेंस में बताया कि एक ही छत के नीचे तीन दिनों तक फुटवियर उद्योग से जुड़े उद्यमी और आपूर्तिकर्ता जुटेंगे।
उद्घाटन समारोह 3 अक्तूबर पूर्वाह्न 11 बजे यूपी स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह करेंगे। 4 अक्तूबर को फैक्टरी मालिकों और एजेंट्स के बीच संवाद और सम्मान समारोह का कार्यक्रम है जबकि 5 अक्तूबर को प्रदर्शनी लगाने वालों को सम्मानित किया जाएगा। माला खेड़ा, अनिरुद्ध तिवारी, चंद्र मोहन सचदेवा, ललित अरोरा, सुनील मनचंदा, नकुल मनचंदा और जसविंदर सिंह खेड़ा जैसे लोग मौजूद रहेंगे।
एफमेक महासचिव प्रदीप वासन और संयोजक पूरन डावर ने फेयर के महत्व पर जोर दिया। पूरन डावर ने कहा कि भारत में 300 करोड़ जोड़ी फुटवियर बने हैं और वर्ल्ड फुटवियर ईयर बुक 2026 के मुताबिक 2025 में वैश्विक उत्पादन 2,460 करोड़ जोड़ी रहा जिसमें भारत का हिस्सा 300 करोड़ जोड़ी है।
एफमेक के पूर्व अध्यक्ष कैप्टन एएस राणा ने बताया कि चाइना पवेलियन से विजिटर्स को सीधे चाइनीज कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलने और मशीनरी तथा कंपोनेंट की जानकारी लेने का मौका मिलेगा। उपाध्यक्ष राजीव वासन और राजेश सहगल ने कहा कि नई मशीनरी और गुणवत्ता पर काम करने से उद्योग को फायदा होगा।
स्थानीय असर और आगाह
फेयर से जूता उद्योग के कारोबारियों को नई तकनीक अपनाने और सीधे आपूर्तिकर्ताओं से ऑर्डर करने का मौका मिलेगा। आयोजक आशा कर रहे हैं कि यह प्रदर्शनी स्थानीय उद्यमियों के उत्पादन व गुणवत्ता में सुधार लाएगी और उन्हें बाजार विस्तार में मदद मिलेगी।
स्रोत: अमर उजाला

