अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर रविवार को विरोध प्रदर्शन तेज हुआ। छात्रों ने अल्लामा इकबाल हॉल से लेकर डक पॉन्ड तक विरोध मार्च निकाला और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
मार्च के डक पॉन्ड पहुंचने के बाद छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की और वहां धरना दिया। छात्राओं ने जमीन पर “वी वांट एएमयू एसयू” और “या डेथ” लिखकर अपनी मांगें दर्ज कराईं।
धरना और भूख हड़ताल
छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर एमए उर्दू प्रथम वर्ष के छात्र यासिर फहद 21 सितंबर से भूख हड़ताल पर हैं। सात दिन में यासिर का वजन चार किलो घट गया; उन्होंने कहा कि 21 सितंबर को उनका वजन 67 किलो था जबकि 27 सितंबर को वह 63 किलो रह गया।
यासिर के समर्थन में कई छात्र और छात्राएँ डक पॉन्ड पर एकत्र हुए। छात्रों ने प्रशासन से गुहार लगाई कि उनकी आवाज सुनी जाए और चुनाव कराने का रास्ता निकाला जाए।
विरोध प्रदर्शन में परिसर की सड़कों पर जुलूस की तरह मार्च निकाला गया और नारेबाजी देर तक जारी रही। छात्र यूनिवर्सिटी प्रशासन के कदमों पर असंतोष जताते रहे और शांतिपूर्ण तरीकों से अपना मामला उठाने पर जोर दिया।
आंदोलन को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रसंघ का समर्थन भी मिला है। जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष अदिति ने कहा, “वह एएमयू छात्रों के साथ हैं।” उन्होंने कहा, “एएमयू में 2018-19 के बाद छात्रसंघ चुनाव नहीं हुआ। छात्रों की मांग को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।” और जोड़ा, “जेएनयू छात्रसंघ एएमयू के छात्रों के साथ खड़ा है।”
आगे का कदम
छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और भी तेज होगा। यूनिवर्सिटी के प्रशासन से अब यह देखना है कि वह किस तरह संवाद कर के स्थिति शांत कर पाता है।
स्थानीय निवासियों और परिवारों में चिंता है कि लंबे समय तक जारी भूख हड़ताल से स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा। छात्र सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी कदम उठाने की मांग भी उठ रही है।
स्रोत: अमर उजाला

