अलीगढ़। राष्ट्रीयकृत और ग्रामीण बैंकों में 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल रद्द हो गई और जिले में भी बैंकिंग सेवाएं सामान्य रहीं। रविवार जो छुट्टी वाला दिन था, वहां भी कई शाखाओं में सामान्य दिनों जैसा कामकाज चला।
हड़ताल टलने से ग्राहकों को बड़ी राहत मिली। पूरे दिन में करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ। अधिकारियों ने बताया कि हड़ताल से होने वाला संभावित असर टल गया और बैंकिंग सेवाएँ नियमित रूप से चलेंगी।
शाखाओं और कारोबार का ब्योरा
लीड बैंक मैनेजर अशोक कुमार सोनी ने बताया कि जिले में कुल 217 बैंक शाखाएं हैं। इनमें ग्रामीण बैंक की 74, केनरा बैंक की 45, भारतीय स्टेट बैंक की 44, पंजाब नेशनल बैंक की 39 और बैंक ऑफ बड़ौदा की 15 शाखाएं शामिल हैं।
- कुल शाखाएं: 217
- रुरल बैंक: 74
- केनरा बैंक: 45
- स्टेट बैंक: 44
- पीएनबी: 39
- बैंक ऑफ बड़ौदा: 15
इन शाखाओं में प्रतिदिन औसतन करीब 300 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। अगर हड़ताल होती तो तीन दिनों में करीब 900 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान था। निजी क्षेत्र के बैंक प्रस्तावित हड़ताल में शामिल नहीं थे। अलीगढ़ जिला सहकारी बैंक सहित करीब 139 शाखाएं ऐसी हैं जहां ग्राहकों को नियमित सेवाएँ मिलती रहती हैं।
बैंकों के चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में जिले के सभी बैंकों का टर्नओवर 57,881 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। बैंकिंग कारोबार हर तिमाही लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपये की बढ़त पर चल रहा है।
ग्राहकों की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
ग्राहक भी रविवार शाखा खुलने से संतुष्ट दिखे। कुछ ग्राहकों के बयान इस प्रकार हैं:
“छुट्टी के दिन शाखा खुलने से हड़ताल से पहले जरूरी काम निपटाने का मौका मिल गया।”-कुलदीप सिंह
“हड़ताल की घोषणा को देखते हुए रविवार को ही जरूरी काम निपटा लिए।”-उमेश कुमार सिंह
“चेक जमा करना था और नकदी भी निकालनी थी। रविवार को दोनों काम आसानी से हो गए।”-अमित कुमार राघव
“बच्चे की स्कूल की फीस भरनी थी, आखिरी तारीख है। गनीमत रही भीड़ कम थी, काम हो गया।”-प्रदीप कुमार सिंह
अगले स्पष्ट संकेत या नई घोषणा के लिए यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस और बैंक प्रशासन के बीच वार्ता पर नजर रखी जा रही है। ग्राहकों से कहा गया है कि बड़े लेनदेन के लिए अपने निकटतम शाखा से समय पूर्व संपर्क कर लें।
स्रोत: अमर उजाला

