अलीगढ़। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हरदुआगंज रेलवे स्टेशन पर मंगलम सीमेंट और जेके सीमेंट पर कड़ा रुख अपनाया है। बोर्ड ने कंपनियों को साइट पर प्रदूषण रोकने के प्रबंध सुचारू करने के निर्देश दिए हैं और पालना न होने पर जुर्माने की चेतावनी जारी की है।
यह कार्रवाई स्थानीय नागरिकों की जिलाधिकारी से शिकायत के बाद हुई। बोर्ड की क्षेत्रीय टीम ने 18 सितंबर को मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया था और रेलवे साइडिंग पर क्लिंकर खुले में भंडारित और चारों ओर बिखरा हुआ पाया गया।
निरीक्षण में क्या मिला
जांच में पाया गया कि भंडारित क्लिंकर के कारण आसपास धूल बहुत अधिक उड़ रही थी। घनी आबादी, आवासीय क्षेत्र और स्कूलों के नजदीक होने के बावजूद साफ-सफाई और धूल नियंत्रण के पुख्ता इंतज़ाम नहीं थे। मौके पर दो एंटी स्मॉग गन मौजूद थीं, लेकिन सबसे जरूरी वाटर टैंकर की व्यवस्था नदारद मिली।
बोर्ड ने मुख्य रूप से लोडिंग और अनलोडिंग के दौरान उड़ने वाली धूल (फ्यूजिटिव इमीशन) पर रोक लगाने के लिए तुरंत प्रभावी उपाय करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय जनता और स्कूलों पर पड़ रहे स्वास्थ्य और पर्यावरणीय असर के मद्देनजर कड़े कदम उठाने की बात कही गई है।
बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विश्वनाथ शर्मा ने बताया, “निरीक्षण के दौरान पाया कि कंपनियों ने इंतजाम कर रखे थे लेकिन वह सुचारू संचालित नहीं थे।” इसके बाद कंपनियों को व्यवस्था दुरुस्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं और नियमित निगरानी का आश्वासन भी दिया गया है।
स्थानीय लोगों को अब उम्मीद है कि कंपनियाँ निर्देशों का पालन कर समाधान करेंगी। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सुधार नहीं हुआ तो आर्थिक दंड और अन्य कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित निवासी जिलाधिकारी कार्यालय और बोर्ड की टीम से संपर्क में हैं।
आगे क्या होगा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दोनों कंपनियों को कहा है कि वे लोडिंग‑अनलोडिंग के समय धूल नियंत्रण की व्यवस्था तुरंत लागू करें। यदि निर्धारित अभ्यास सुचारू न हुआ तो बोर्ड सख्त कार्रवाई कर सकता है।
स्रोत: अमर उजाला

