बलिया। जिले की एक महिला भाजपा पदाधिकारी ने पार्टी के जिलाध्यक्ष सहित कई लोगों पर दुष्कर्म, शरीरिक व मानसिक शोषण और वीडियो बनाकर धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने कहा कि आरोपियों ने कथित वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे डराया-धमकाया और बाद में विरोध करने पर वीडियो वायरल कर दिया गया।
महिला का कहना है कि वह भाजपा जिला कार्यसमिति की सदस्य है और इन घटनाओं के बाद स्थानीय कोतवाली में शिकायत दर्ज कराने के कई बार प्रयास करने के बावजूद करीब 15 दिनों तक एफआईआर नहीं हुई। बाद में उसने उच्च अधिकारियों से शिकायत की और तभी प्राथमिकी दर्ज होने का दावा किया गया।
आरोपियों के नाम और शिकायत
महिला ने जिन लोगों के नाम बताए हैं, उनमें संजय मिश्रा, आलोक सिंह मोनू, गणेश गुप्ता और अजीत मिश्रा चंदन शामिल हैं। महिला ने कहा कि इन्हीं लोगों ने कथित वीडियो बनाये और वायरल करने की धमकी दी।
उसने पुलिस को अपना विस्तृत बयान और शपथ पत्र दिया है। महिला का आरोप है कि प्राथमिकी में उसके बताए कुछ नाम शामिल नहीं किए गए या उन पर लगाई गई धाराएं हल्की रखी गईं। अभी मामले की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
महिला ने यह भी कहा कि यह घटना केवल उसके साथ सीमित नहीं है और कुछ अन्य महिलायें भी कथित तौर पर प्रताड़ित हुई हैं। हालांकि जिन महिलाओं का जिक्र हुआ है, उनके कोई स्वतंत्र शिकायत या बयान सामने नहीं आये हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और चिकित्सा, फॉरेंसिक तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ संबंधित पक्षों के बयानों से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता तय होगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
प्रभावित लोगों ने अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। जो भी नई जानकारी मिलेगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जानकारी जनता को दी जाएगी।
स्रोत: प्रभात खबर

