बरेली। पशुपालन विभाग बरेली मंडल की ओर से वर्गीकृत वीर्य स्ट्रॉ के उपयोग और रख-रखाव पर 28 सितंबर को एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम मंडल मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस सभागार में सुबह 11 बजे से शुरू होगा।
प्रशिक्षण में बरेली मंडल के चारों जिलों, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत, के पशुपालन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ जनपदों के निर्धारित पदों पर तैनात अधिकारियों को कार्यक्रम में भेजें।
कौन-कौन भाग लेंगे
दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्यक्रम में उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, विकासखंड स्तरीय पशु चिकित्सा अधिकारी, प्रत्येक विकासखंड से दो-दो पशुधन प्रसार अधिकारी और प्रत्येक विकासखंड से एक-एक पैरावेट शामिल होंगे। यह व्यवस्था प्रशिक्षण के व्यापक असर को सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
विभाग ने कहा है कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और कौशल को स्थानीय स्तर पर फैलाया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त अधिकारी और कर्मचारी मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किये जाएंगे। ये मास्टर ट्रेनर अपने-अपने क्षेत्रों में कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं, पशु चिकित्सकों और पशुधन प्रसार अधिकारियों को वर्गीकृत वीर्य स्ट्रॉ के उपयोग एवं रख-रखाव का प्रशिक्षण देंगे।
प्रशिक्षण का उद्देश्य पशुधन विकास में तकनीकी सुधार लाना और कृत्रिम गर्भाधान से जुड़ी गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। वर्गीकृत वीर्य स्ट्रॉ के सही उपयोग और उचित रख-रखाव से सफलता दर बढ़ाने और रोग संचारण कम करने में मदद मिलेगी।
जिन अधिकारियों को कार्यक्रम में भेजा जाना है, उन्हें समय पर सर्किट हाउस सभागार में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। बाद में बने मास्टर ट्रेनर अपने-अपने जिलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर पशुपालन कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे।
स्रोत: अमर उजाला

