बस्ती। नेपाल के बैराजों से छोड़े जा रहे पानी और लगातार बारिश के चलते सरयू नदी का जलस्तर शुक्रवार से शनिवार के बीच तेजी से बढ़ा। प्रशासन ने तटबंधों की सतर्क निगरानी शुरू कर दी है और नदी किनारे बसे गांवों में चिंता बढ़ गई है।
केंद्रिय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार शनिवार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 91.84 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में यह स्तर 17 सेंटीमीटर बढ़ा है। खतरे के निशान 92.73 मीटर के मुकाबले यह 89 सेंटीमीटर कम है, फिर भी कटान और बाढ़ के जोखिम को देखते हुए अलर्ट जारी है।
तटबंधों पर निगरानी तेज
कटरिया-चांदपुर तटबंध के कटरिया गांव के सामने बने ठोकर नंबर एक पर नदी का दबाव फिर बढ़ गया है। बाढ़ खंड ने संवेदनशील तटबंधों पर कर्मचारियों की तैनाती कर दी है और निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारी और कर्मचारी नदी के जलस्तर तथा तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।
डीएम कृतिका ज्योत्स्ना और एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खलवा गांव के निकट बनी बाढ़ चौकी का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। अपस्ट्रीम से अयोध्या तक सरयू के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी जनजीवन पर असर पड़ने का खतरा बना है।
कुदरहा क्षेत्र के मईपुर, महुआपार कला समेत नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीण बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंतित हैं। कई स्थानों पर नदी कटान करती भी दिखाई दी है और नदी के करीब स्थित मकानों पर कटान का खतरा बना हुआ है। बीडी तटबंध के कन्हईपुर, खेमराजपुर, शंभूपुर, पूरे चेतन, पकड़ी संग्राम, लकड़ी पांडेय और अर्जुनपुर समेत आसपास के गांवों में ग्रामीण सतर्क हैं।
आगे क्या कर रहे हैं अधिकारी
बाढ़ खंड ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी और बढ़ा दी है और तटबंधों की नियमित जांच चल रही है। एक्सईएन बाढ़ खंड, बस्ती दिनेश कुमार ने कहा कि जलस्तर बढ़ रहा है, इसे देखते हुए निगरानी तेज कर दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने फिलहाल निकासी या व्यापक उपायों की कोई घोषणा नहीं की है, लेकिन स्थिति बदलने पर अलर्ट बढ़ सकता है। नदी किनारे रहने वाले लोग संबंधित बाढ़ चौकियों से जानकारी लेते रहें और आवश्यक सावधानी बरतें।
स्रोत: अमर उजाला

