ककोड़। क्षेत्र में बुखार के चलते चार माह की मासूम और 15 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई। परिजन दोनों को निजी चिकित्सकों से इलाज करा रहे थे।
चार माह की बच्ची का नाम आरुहि बताया गया है। परिजन कहते हैं कि आरुहि को तीन-चार दिन पहले बुखार आया था और इलाज के बावजूद उसकी तबियत बिगड़ती गई। रविवार सुबह बच्चे की मौत हो गई और परिजन उसे दफनाने के लिए निकले।
दफन को लेकर विवाद
मासूम को दफनाने के समय मोहल्ले के एक खेत मालिक ने विरोध किया। विवाद बढ़ने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंचने के बाद मामला शांत कराया गया और बच्ची को नियत स्थान पर दफनाया गया।
कस्बे के मोहल्ला जाटवान निवासी अजय ने बताया कि आरुहि की तबियत में सुधार की जगह खराबी बढ़ी और सुबह उसकी मृत्यु हो गई।
किशोरी की मौत का हाल
मोहल्ले निवासी महेंद्र सिंह की बेटी वेदिका 10वीं कक्षा की छात्रा थी। उन्हें एक सप्ताह पहले बुखार हुआ था और परिजन पहले निजी चिकित्सक के पास ले जाते रहे। हालत न सुधरने पर वेदिका को बुलंदशहर में किसी चिकित्सक ने देखा और शनिवार शाम हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया।
परिजन जब वेदिका को उपचार के लिए ले जा रहे थे तो रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। दोनों मृतकों को परिजन सरकारी अस्पताल नहीं लेकर गए और स्थानीय स्तर पर ही व्यवस्था की गई।
जिला स्तर पर दोनों मौतों की जानकारी मिलने पर जांच कराई जा रही है। प्राथमिक स्तर पर पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मामले की पड़ताल कर रहे हैं और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
स्रोत: अमर उजाला

