गोरखपुर। सोशल मीडिया पर दरोगा की वर्दी पहने व्यक्ति की पिटाई का एक वीडियो रविवार को खूब फैल गया। वीडियो सड़क पर हुई मारपीट दिखा रहा था और देखते ही देखते वायरल हो गया।
पुलिस और साइबर टीम ने वीडियो की पड़ताल की तो पूरी घटना फर्जी निकली। शाहपुर थाना क्षेत्र में यह वीडियो लाइक और व्यूज बढ़ाने के उद्देश्य से बनाया गया था। जांच के बाद पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
वीडियो का ब्यौरा
वायरल फुटेज में एक युवक काली सदरी और सफेद शर्ट पहने बाइक से आता है और वर्दीधारी व्यक्ति को रोकता है। दोनों के बीच नौकायन में स्टंट की बात पर गाली‑गलौज और बहस होती दिखती है। बाद में दोनों सड़क पर उतरकर भिड़ जाते हैं और एक‑दूसरे को जूते से मारते भी नजर आते हैं।
जांच में यह बात भी सामने आई कि वर्दीधारी व्यक्ति वास्तव में पुलिस विभाग का कर्मचारी नहीं है। जिसने अधिवक्ता का रूप बनाया था, वह भी असली अधिवक्ता नहीं निकला।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने मामले पर कहा, “जांच में वीडियो फर्जी पाया गया। इसमें पुलिसकर्मी की वर्दी पहने व्यक्ति पुलिस विभाग का कर्मचारी नहीं है। अधिवक्ता के रूप में दिख रहा व्यक्ति भी अधिवक्ता नहीं है।”
हिरासत में लिये गए दोनों युवकों से साइबर टीम और स्थानीय थाने की पुलिस अलग‑अलग रिकार्डिंग और मोबाइल डेटा की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि वायरल करने वाले अन्य सहयोगियों की पहचान भी की जाएगी।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के कोई भी वीडियो साझा न करें। जो लोग वीडियो को फैलाने में शामिल पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और पूछताछ के बाद आरोप तय किये जाएंगे।
स्रोत: अमर उजाला

