लखनऊ। महीने के आखिर में पैसे बचाने की परंपरागत कोशिश अक्सर नाकाम रहती है क्योंकि ज्यादातर लोग पहले घर के सारे खर्च निकालकर बची रकम को सेव कर लेते हैं। इससे अक्सर महीने के अंत तक बची हुए पैसे न के बराबर होते हैं।
एक आसान तरीका यह है कि कमाई आते ही थोड़ी सी रकम अलग कर दी जाए और बाकी से पूरा महीने का खर्च चलाया जाए। शुरुआत में बहुत बड़ी रकम अलग करना जरूरी नहीं है; उतनी ही रखें जितनी आसानी से बचाई जा सके।
कैसे बचत करें
पहला कदम यह है कि बचत की रकम को उसी खाते में न रखें जिससे रोज़ाना के खर्च होते हैं। अगर पैसे रोज़ के खर्च वाले अकाउंट में रहेंगे तो उन्हें खर्च कर देना आसान हो सकता है। इसलिए संभव हो तो बचत अलग अकाउंट में रखें या घर पर अलग जगह जमा करें। इससे यह भी साफ दिखेगा कि अब तक कितने पैसे बचाए गए हैं।
दूसरा, हर महीने एक तय रकम रखने की कोशिश करें। बचत में नियमितता सबसे महत्वपूर्ण बात है। एक महीने ज़्यादा रखें और अगला बिल्कुल न रखें, यह तरीका काम नहीं करेगा। रकम छोटी हो तो भी कोई बात नहीं; आदत बननी चाहिए।
तीसरा, बचत शुरू करने से पहले अपने जरूरी खर्चों का हिसाब लगा लें। घर का राशन, बिजली-पानी के बिल, बच्चों की जरूरतें और आने-जाने जैसे खर्चों के लिए पैसे अलग रखें। इन जरूरी खर्चों के बाद जो राशि आराम से बचाई जा सके, वही अलग रखें।
हर छोटी चीज़ पर खर्च रोकना भी जरूरी नहीं है। बचत के लिए महीने के आखिर पर बची रकम का इंतजार करने की बजाय शुरुआत में ही थोड़ा पैसा अलग करना अधिक प्रभावी है। छोटी रकम से शुरू करके धीरे-धीरे उसे बढ़ाया जा सकता है।
इस तरीके से बचत की आदत बनती है और अनियोजित खर्चों से बचने में मदद मिलती है। पहले ज़रूरी खर्चों का आकलन करिए और कमाई आते ही अपनी क्षमता के अनुसार एक तय राशि अलग कर दीजिए।
स्रोत: अमर उजाला

