मानीमऊ। गंगा का जलस्तर शुक्रवार को खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया। महादेवी घाट पर दोपहर दो बजे गंगा का जलस्तर 125.630 मीटर दर्ज किया गया।
खतरे का निशान 125.970 मीटर पर है। इसका मतलब यह हुआ कि नदी अब खतरे के निशान से महज 34 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। बाढ़ चौकी की रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है और नदी का ट्रेंड लगभग स्थिर है।
बेसलाइन आंकड़े और बैराज से छोड़ा गया पानी
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज से शुक्रवार को 77,819 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा का उच्चतम बाढ़ स्तर 126.780 मीटर दर्ज है और मौजूदा जलस्तर इस स्तर से 1.150 मीटर नीचे है। जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी भी नदी को खतरे के निशान के और करीब ले जा सकती है।
बाढ़ चौकी ने कहा है कि तटवर्ती इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखना जरूरी है। बैराज से छोड़े जा रहे पानी और गंगा के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर तटवर्ती क्षेत्रों की निगाहें टिकी हुई हैं।
एसडीएम वैभव गुप्ता ने कहा, “गंगा के जलस्तर की सघन निगरानी की जा रही है। तटवर्ती इलाकों में दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।”
स्थानीय लोगों और प्रशासन दोनों की चिंता बनी हुई है क्योंकि जलस्तर में थोड़ी सी भी बढ़ोतरी गांवों व खेती पर असर डाल सकती है। तटवर्ती इलाके के निवासियों को अलर्ट रहने और आवश्यक सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
आगामी घंटों और दिनों में जलस्तर में किसी भी तेज बदलाव के संकेत मिलने पर प्रशासन द्वारा आवश्यक निर्देश और मदद उपलब्ध कराई जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे न जाएँ और आधिकारिक एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें।
स्रोत: अमर उजाला

