हसेरन। ग्राम पंचायत कंसुआ के मजरा मझपुर्वा में शुक्रवार को ग्रामीणों ने नहर किनारे पड़े बदहाल रास्ते की खुद मरम्मत की। लंबे समय से गहरे गड्ढे और कीचड़ के कारण आवागमन बाधित था, खासकर बारिश में समस्या और बढ़ जाती थी।
ग्रामीण संदीप वर्मा के नेतृत्व में लोग फावड़े लेकर गड्ढों में मिट्टी भरकर रास्ता समतल करने लगे। साथ ही रास्ते के किनारे उगी झाड़ियों और घास की सफाई भी कर दी गई।
रास्ते की हालत और प्रभाव
स्थानीय लोगों के अनुसार मझपुर्वा से हैडपुल तक जाने वाला यह रास्ता वर्ष 2019 से बदहाल है। नहर के चौड़ीकरण के दौरान मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ था और तब से अब तक कोई स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई।
ग्रामीणों ने बताया कि खड़िनी कस्बे में पढ़ने जाने वाले 100 से अधिक छात्र-छात्राएं इसी मार्ग से रोज़ाना गुजरते हैं। कीचड़ और गड्ढों के कारण कई बार विद्यार्थी फिसलकर नहर की ओर जा चुके हैं, जिससे सुरक्षा का गंभीर खतरा बनता है।
मरम्मत में मौजूद अन्य ग्रामीणों में महेश चंद्र, कमल सिंह, शिवप्रताप सिंह, राजकुमार, प्रदीप कुमार आदि शामिल रहे। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि स्थलीय निरीक्षण कराकर रास्ते की पक्की मरम्मत करवाई जाए और नहर किनारे सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएं।
ग्रामीणों ने कहा कि अगर शीघ्र समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। फिलहाल उन्होंने खुद ही अस्थायी सुधार कर लोगों के आवागमन में कुछ राहत दिलाई है, परन्तु स्थायी समाधान के लिए प्रशासनिक पहल की मांग बनी हुई है।
स्रोत: अमर उजाला

