छिबरामऊ। बारिश से कई गांवों में खेतों की फसलें नष्ट हो गईं और कुछ ग्रामीणों के मकान ढह गए। नुकसान का आकलन कराने के लिए न लेखपालों का पहुंचना ग्रामीणों के लिएस्थिति और कठिन कर गया।
ब्लॉक परिसर में सोमवार को हुई बैठक के दौरान ग्रामीणों ने यह समस्या विधायक अर्चना पांडेय और एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी से उठाई। यह शिकायत सेवा सेतु संकल्प अभियान के दौरान की गई, जो 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक चल रहा है। अभियान में कुल 176 शिकायतें आईं।
सुनवाई और तत्काल निस्तारण
विधायक अर्चना पांडेय ने लेखपालों को बारिश से हुए फसल और मकान नुकसान का तत्काल सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के घर गिर गए हैं उनकी रिपोर्ट ब्लॉक में भेजी जाए ताकि पात्र परिवार मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ ले सकें। बीडीओ दीपांकर आर्य और भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया भी बैठक में मौजूद रहे।
बैठक में कई गांवों में जलभराव की समस्या भी बताई गई। मौके पर पूर्ति विभाग, स्वास्थ्य, मनरेगा और आवास से संबंधित कुछ मामलों का निस्तारण भी कर दिया गया। अधिकांश शिकायतें राजस्व विभाग की थीं, जिन्हें आगे कार्रवाई के लिए भेजा गया।
बैठक में मौके पर निस्तारण किए गए मामलों में पूर्ति विभाग की पांच, स्वास्थ्य विभाग की दो, मनरेगा की आठ तथा आवास की एक शिकायत शामिल रही। इन मुद्दों का निपटारा तुरंत कर दिया गया, जबकि राजस्व से जुड़े मामलों की रिपोर्ट बनने के बाद आगे भेजी जाएगी।
ग्रामीणों ने अन्य स्थानीय शिकायतें भी उठाईं। प्रेमपुर के ग्राम प्रधान पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि दो माह से सफाईकर्मी नहीं है, जिससे गांव में गंदगी के ढेर लगे हैं। खुबरियापुर के ग्राम प्रधान बबलू बाथम ने प्राथमिक विद्यालय के पास परिक्रमा मार्ग की जब्ती हटाने की मांग की। कुंअरपुर लोधपुर के लिए जलभराव निकासी की व्यवस्था की भी गुहार लगाई गई।
आगे क्या होगा: ब्लॉक प्रशासन को अब लेखपालों से सर्वे रिपोर्ट त्वरित रूप से मंगानी होगी और राजस्व शिकायतों का निस्तारण कर पात्र परिवारों को आवास व अन्य योजनाओं के लाभ दिलाने की कार्रवाई शुरू करनी होगी।
स्रोत: अमर उजाला

