लखनऊ। भारतीय रसोई में तड़के और मसालेदार खाने की वजह से किचन चिमनी का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया है। लगातार खाना पकाने से चिमनी के फिल्टर पर तेल और ग्रीस की मोटी परत जम जाती है, जिससे मशीन की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।
फिल्टर पर जब चिपचिपाहट बढ़ जाती है, तो चिमनी की हवा खींचने की क्षमता कमजोर होने लगती है और रसोई में धुआं फैलने लगता है। घर पर साफ-सफाई न करने पर बिजली की खपत भी बढ़ सकती है और फिल्टर जल्दी बदलवाने की जरूरत पड़ती है।
जरूरी तैयारी और साधन
साधारण घरेलू चीजें लेकर आप फिल्टर को आराम से साफ कर सकते हैं। आवश्यक चीजों में गर्म पानी, नीला साबुन या डिश वॉशिंग लिक्विड, ब्रश या स्पंज और रबड़ के दस्ताने शामिल हैं। यदि ग्रीस ज्यादा जिद्दी हो तो अतिरिक्त घटक की जरूरत पड़ती है।
- गर्म पानी
- डिश वॉशिंग लिक्विड/नीला साबुन
- ब्रश या स्पंज
- रबर दस्ताने और पुराना कपड़ा
- जिद्दी ग्रीस के लिए कास्टिक सोडे
सबसे पहले चिमनी को बिजली से अलग करें और फिल्टर सावधानी से निकालकर किसी बड़े बर्तन में रखें। ऊपर से जमी मोटी परत को खुजलाकर हटाने की कोशिश करें। इसके बाद गर्म पानी में डिश लिक्विड मिलाकर फिल्टर को भिगो दें ताकि तेल नरम हो जाए। भिगोने के बाद ब्रश से घिसकर गंदगी हटाएं और साफ पानी से धोकर सुखा लें।
जिद्दी चिपकी ग्रीस पर “जिद्दी ग्रीस के लिए कास्टिक सोडे का इस्तेमाल करें”। कास्टिक सोडा लगाने से पहले दस्ताने पहनें और निर्देशों के अनुसार सावधानी बरतें। उपयोग के बाद फिल्टर को अच्छी तरह से धोकर ही चिमनी में लगाएं।
स्थानीय असर और आगे क्या करें
इस तरह नियमित सफाई से चिमनी की कार्यक्षमता बनी रहती है और बिजली की खपत कम रहती है। लोग महंगे मैकेनिक नहीं बुलाएंगे और फिल्टर की उम्र बढ़ेगी। पाठक सावधानी से रासायनिक पदार्थों का उपयोग करें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा निर्देश पढ़कर ही कास्टिक सोडा इस्तेमाल करें।
स्रोत: अमर उजाला

