लखनऊ। बसपा से निष्कासन के बाद आकाश आनंद ने मायावती को पत्र लिखकर माफी मांगी है और बसपा में लौटने का भरोसा दिया है। उन्होंने पत्र में कहा कि वे किसी भी अन्य पार्टी में शामिल नहीं होंगे और हमेशा बसपा के साथ रहेंगे।
आकाश ने पत्र में अपनी पिछले कुछ दिनों में चल रही अटकलों को विराम देते हुए साफ कहा कि “मैं किसी पार्टी में नहीं जा रहा हूं। हमेशा बसपा के साथ ही रहूंगा।” उन्होंने मायावती को अपनी राजनैतिक गुरु, प्रेरणा और बुआ माँ बताया।
मायावती के लिए भावुक अपील
पत्र में आकाश ने सीधे शब्दों में भावनाओं का इजहार किया और अपने कदमों के लिए माफी मांगी। उन्होंने लिखा कि राजनीति में जो कुछ सीखा वह मायावती के मार्गदर्शन से सीखा। यह पत्र बसपा नेतृत्व के समक्ष अपनी निष्ठा साबित करने की कोशिश भी माना जा रहा है।
पत्र में लिखे गए हिस्से से ही स्पष्ट होता है कि आकाश मायावती के राजनीतिक व व्यक्तिगत प्रभाव को स्वीकार करते हैं। उन्होंने पत्र में कहा: “परम आदरणीय बहन जी,आप मेरी राजनैतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा हैं, और मेरी बुआ माँ भी हैं।राजनीति में मैंने जो कुछ सीखा, वो आप से ही सीखा, जो कुछ किया, आपके मार्गदर्शन में किया।”
स्थानीय सियासी पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह पत्र बसपा के भीतर आकाश आनंद की स्थिति पर असर डाल सकता है। वहीं पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक इस बात पर नजर रखे हैं कि शीर्ष नेतृत्व इस माफी और भरोसे को कैसे देखता है और आगे क्या कार्रवाई होती है।
अब आगे की प्रक्रिया यह रहेगी कि बसपा नेतृत्व द्वारा आकाश आनंद के पत्र पर क्या प्रतिक्रिया आती है और क्या उन्हें पार्टी में फिर सेवा का अवसर मिलेगा। पाठकों को सलाह है कि बसपा से संबंधित आधिकारिक बयान आने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
स्रोत: दैनिक जागरण

