लखनऊ। भाकपा (माले) ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हुए प्रदर्शनों और उन पर हुई गिरफ्तारीयों की तीखी निंदा की। पार्टी ने गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग की है।
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, बलिया, अयोध्या, गाजीपुर समेत कई जिलों में “लोकतंत्र बचाओ” प्रदर्शन हुए। उन्होंने बताया कि इन प्रदर्शनकारियों कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और पार्टी ने उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है।
प्रदर्शन और मांगें
भाकपा (माले) ने विशेष रूप से आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समेत सभी प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई का आग्रह किया है। पार्टी ने प्रदर्शन के दौरान उठाई गई प्रमुख मांगें स्पष्ट कीं।
प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर पर रोक लगाने, मतदाता सूची से हटाए गए नामों को वापस जोड़ने और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी कानून में बदलाव की मांग की। ये बातें पार्टी के बयान में शामिल हैं।
पार्टी का कहना है कि इन कदमों के बिना चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा कायम नहीं हो सकेगा और इसलिए चुनाव प्रशासन में पारदर्शिता व जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसी के लिए सड़क पर आवाज उठाई जा रही है।
आगे की कार्रवाई
भाकपा (माले) और जुड़े संगठनों ने भविष्य में भी इसी तरह के धरने और प्रदर्शन जारी रखने का संकेत दिया है जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं। स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं से भी वे एकजुट रहने का आह्वान कर रहे हैं।
पक्षकारों ने संबंधित अधिकारियों से गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा करने और उठाए गए मुद्दों पर चर्चा की पेशकश करने को कहा है।
स्रोत: अमर उजाला

