मथुरा। महाराष्ट्र के संभाजीनगर से एक मां अपने लापता बेटे ओम की तलाश में शनिवार को वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज आश्रम के बाहर पहुंचीं और वहां देर तक मौजूद रहीं। परिवार का कहना है कि ओम 21 जुलाई को घर से निकल गया था और उस दिन से वह घर वापस नहीं लौटा।
परिजनों के अनुसार ओम 20 वर्षीय है और उसने घर से यह कहकर निकलने की बात कही थी कि वह प्रेमानंद महाराज की तरह जीवन जिएगा और उनकी दिनचर्या अपनाएगा। तब से परिवार उसकी खोज कर रहा है। मां बार-बार आश्रम से अपने बेटे से मिलवाने की मांग कर रही हैं।
मां के आरोप
मां का आरोप है कि जब उन्होंने आश्रम में अपने बेटे के बारे में पूछा तो आश्रम से जुड़े लोगों ने बताया कि उन्होंने ओम को आश्रम के अंदर देखा था। मां ने कहा कि उन्होंने बेटे से मिलने की इच्छा जताई, लेकिन आश्रम के लोगों ने उन्हें किसी दूसरे स्थान पर लेकर जाकर करीब एक घंटे तक बैठाया और फिर मिलने नहीं दिया।
परिवार ने आश्रम से स्पष्ट जानकारी की मांग की है और कहा है कि जब तक बेटे के बारे में ठोस जानकारी नहीं मिलती उनकी चिंता बनी रहेगी। परिवार का कहना है कि ओम पहले से ही आश्रम और उस विचारधारा में आस्था रखता था, इसलिए वे पहले भी वहां आते रहते थे।
अब तक आश्रम की ओर से मां के लगाए आरोपों के संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और इस बात की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है कि ओम आश्रम में है या नहीं। स्थानीय प्रशासन या पुलिस की भूमिका के बारे में भी अभी जानकारी सामने नहीं आई है।
मां वृंदावन में आश्रम के बाहर इंतजार कर रही हैं और बार-बार अपने बेटे से मिलने की मांग दोहरा रही हैं। परिवार ने अपील की है कि यदि किसी के पास ओम के संबंध में जानकारी हो तो वे सूचित करें ताकि मां को बेटे से मिलवाया जा सके।
स्रोत: TV9 भारतवर्ष

