मेरठ। सोमवार को कांग्रेस के कार्यकर्ता भारी वर्षा के बावजूद कमिश्नरी स्थित चौधरी चरण सिंह पार्क से जिलाधिकारी कार्यालय तक प्रदर्शन के लिए निकले। उन्होंने वोट की चोरी का आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया और चुनाव आयोग के प्रमुख ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष गौरव भाटी और महानगर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा ने किया। कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो”, “चुनाव आयोग की निष्पक्षता कायम करो” और “वोट की चोरी बंद करो” जैसे नारे लगाते रहे।
प्रदर्शन और पुलिस परिचालना
सुबह से ही चौधरी चरण सिंह पार्क में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जमा हुए। प्रशासन ने पार्क और कमिश्नरी परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर पूरे क्षेत्र को घेर लिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कई बार तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।
नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी कमिश्नर कार्यालय के सामने से होते हुए जिला अधिकारी कार्यालय की ओर बढ़े। प्रशासन ने कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर दिया, जिसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता गेट के सामने धरने पर बैठ गए और प्रदर्शन जारी रखा। काफी देर बाद गेट खोला गया।
आंदोलन के दौरान कांग्रेस के कई नेताओं ने विचार रखे। जिनमें कांग्रेस प्रवक्ता हरिकिशन वर्मा, मेरठ ब्लॉक प्रमुख अरुण कौशिक, आदित्य प्रकाश शर्मा, मनिंदर सूद वाल्मीकि, नसीम कुरैशी, शबी खान, हेमन्त प्रधान और सलीमुद्दीन शाह शामिल रहे। अन्य उपस्थित नेताओं में जगदीश शर्मा, डॉ. जफरुल्लाह, मनजीत सिंह कोचड़, महेंद्र गुर्जर, अनिल अरोड़ा, रिहानुद्दीन और पीयूष रस्तोगी का नाम लिया गया।
प्रदर्शन के अंत में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। आयोजकों ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग के लिए है। कांग्रेस ने ऐलान किया कि वह लोकतांत्रिक तरीके से जनता के वोट और संविधान की रक्षा के लिए लड़ती रहेगी।
स्रोत: अमर उजाला

