मेरठ। सौरभ राजपूत हत्या के नीले ड्रम कांड में मुस्कान रस्तौगी और साहिल शुक्ला के दोषसिद्ध होने के बाद जेल में बंद दूसरी महिलाओं में डर और चिंता फैल गई है। मुस्कान और साहिल की सजा 14 अक्तूबर को सुनाई जाएगी और जेल में इससे जुड़े अन्य मामले भी चर्चा में हैं।
मेरठ जिला जेल में इस समय ऐसे कुल पांच महिलाएं निरुद्ध हैं जिन पर अपने-अपने पतियों की हत्या के आरोप हैं। इन मामलों की कानूनी स्थिति अलग-अलग है। किसी मामले में आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही है तो किसी में अगली सुनवाई या फैसले का इंतजार है।
जेल में माहौल और काउंसलिंग
वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जेल प्रशासन इन महिलाओं की गतिविधियों और मानसिक स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। जेल में बंद महिलाओं को जरूरत के अनुरूप काउंसलिंग कराई जा रही है। मुस्कान ने हाल में सामान्य दिनचर्या के तहत पूजा-पाठ किया और खाना खाया।
दोषसिद्धि की खबर के बाद जेल में ही अन्य महिलाओं ने सुंदरकांड का पाठ शुरू कर दिया। प्रशासन उनका व्यवहार और भावनात्मक हाल देखते हुए समय-समय पर काउंसलिंग दे रहा है ताकि कोर्ट की कार्रवाई और संभावित सजाओं के असर को संभाला जा सके।
पिछले मामलों का ब्यौरा
नीले ड्रम हत्याकांड के बाद जिले में ऐसे कई मामले सामने आए। बहसूमा के अकबरपुर गांव की रविता पर आरोप है कि उसने 13 अप्रैल की रात प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित की गला दबाकर हत्या की। पोस्टमार्टम में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई थी।
21 जुलाई को हस्तिनापुर के स्कूल संचालक अतुल पंवार की हत्या के मामले में उसकी पत्नी दामिनी और प्रेमी तुषार आरोपी बनाए गए हैं। 23 जून को जानी खुर्द के सुभाष की हत्या के मामले में पत्नी कविता और बेटी सोनम पर आरोप लगे थे, फिलहाल वे जमानत पर हैं। परीक्षितगढ़ निवासी राहुल की हत्या एक नवंबर 2025 को हुई थी; उसकी पत्नी अंजली और प्रेमी अजय पर साजिश का आरोप है। बीएसएफ जवान नैन सिंह की हत्या में भी उनकी पत्नी कोमल पर प्रेमी के साथ वारदात कराने का आरोप रहा।
मुस्कान और साहिल ने तीन मार्च 2025 की रात सौरभ राजपूत की हत्या कर उसके सिर व कलाइयां काटकर नीले ड्रम में सीमेंट से भरे थे। दोनों बाद में हिमाचल चले गए थे और 17 मार्च को मेरठ लौटने पर गिरफ्तार हुए थे। तब से दोनों जिला कारागार में हैं और कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हो रही है।
स्रोत: अमर उजाला

