प्रतापगढ़। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सपा-कांग्रेस गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर सियासी गर्माहट बढ़ने लगी है। सपा सांसद एसपी सिंह पटेल ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 50 सीट देना भी बड़ी बात है।
पटेल ने कहा कि गठबंधन में सम्मान और बराबरी का मुद्दा है। उन्होंने पुराने अनुभवों का हवाला देते हुए बताया कि कई बार जरूरत पड़ने पर कांग्रेस ने सपा और क्षेत्रीय दलों का समर्थन लिया, पर जब सीट बंटवारे की बारी आई तो सहयोगियों की अपेक्षाओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
गठबंधन के पुराने अनुभव
सपा नेताओं ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव का उदाहरण भी दिया। पटेल के अनुसार सपा के प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस नेतृत्व से सीटों को लेकर बातचीत की थी, लेकिन उसे कोई सीट नहीं मिली। इस तर्क को सपा अंदरूनी तौर पर बार‑बार अपने रुख को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल कर रही है।
पटेल ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के एक बयान पर भी पलटवार किया। केशव ने सपा को ‘सांपनाथ’, बसपा को ‘नागनाथ’ और कांग्रेस को ‘कालिया नाग’ कहा था। पटेल ने कहा, “केशव प्रसाद मौर्य अक्सर अनाप-शनाप बयान देते हैं और उन्हें इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।”
पटेल ने भाजपा पर पिछड़े समाज के साथ अन्याय करने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि भाजपा पिछड़े वर्ग के नेता के रूप में केशव मौर्य का राजनीतिक इस्तेमाल करती है, लेकिन अब पिछड़ा समाज भाजपा की नीतियों को समझ चुका है।
फिलहाल दोनों दलों के बीच सीटों का औपचारिक फार्मूला सामने नहीं आया है। चुनाव से पहले ही सहयोगी दलों के बीच दावेदारी और राजनीतिक दबाव का दौर शुरू हो गया है, जिससे आगामी महीनों में गठबंधन बातचीत और बयानबाजी दोनों तेज होने की संभावना दिखती है।
स्रोत: अमर उजाला

