प्रतापगढ़। शनिवार को व्यापारियों ने यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) की सीमा में संशोधन की मांग को लेकर सदर विधायक राजेंद्र मौर्य को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले जेल रोड स्थित निजी प्रतिष्ठान में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की कोर इकाई की बैठक हुई।
व्यापार मंडल ने बैठक में तय किया कि यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लागू करने की न्यूनतम सीमा 10,000 रुपये की जाए। साथ ही मासिक अधिकतम एमडीआर सीमा वर्तमान एक लाख रुपये से बढ़ाकर 5,00,000 रुपये करने का सुझाव दिया गया है।
बैठक में चर्चा और कारण
बैठक में व्यापारियों पर पड़ने वाले संभावित अतिरिक्त वित्तीय भार पर चर्चा हुई। व्यापारी संगठन ने कहा कि यूपीआई अब व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए प्रमुख भुगतान माध्यम बन चुका है। जिलाध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता ने कहा, “यूपीआई व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है। एमडीआर का अतिरिक्त भार बढ़ने से व्यापारियों को परेशानी होगी.”
बैठक के बाद व्यापारी समूह चिलबिला स्थित सदर विधायक के कार्यालय गया और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरकार से अनुरोध किया गया है कि एमडीआर की नई सीमा व्यापारिक गतिविधियों की वास्तविकता और छोटे व्यापारियों की स्थितियों को देखते हुए तय की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला महामंत्री अर्पित खंडेलवाल, मनोज केसरवानी, अनिल गोयल, राहुल गुप्ता, बृजेश केसरवानी, मनोज केसवानी, जवाहर लाल उमरवैश्य, राजेश केसरवानी और मनीष गुप्ता समेत कई व्यापारी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यदि एमडीआर बढ़ा तो दुकानों और छोटे व्यापारियों की रोजमर्रा की कमाई पर असर पड़ेगा।
आगे की कार्रवाई
व्यापार मंडल ने बताया कि ज्ञापन के बाद विधायक से इस मामले को उच्च अधिकारियों और संबंधित विभागों तक पहुँचाने का अनुरोध किया गया है। व्यापारियों का कहना है कि अगर उनके सुझावों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

