संभल। अलावलपुर गांव की रानी शर्मा ने अपनी मेहनत से अपनी और अन्य महिलाओं की तकदीर बदली है। वह बीए पास हैं और अब सिद्ध बाबा ब्रांड के तहत शुद्ध खाद्य उत्पादों का कारोबार कर रही हैं।
रानी को इस काम से सालाना करीब 3 लाख रुपये की आय हो रही है। उनके समूह के उत्पादों में शुद्ध पिसे मसाले, पीली सरसों का तेल और मल्टीग्रेन आटा शामिल हैं।
उद्यमिता की शुरुआत और आर्थिक मदद
रानी ने वर्ष 2022 में दीनदयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर उद्यमिता की राह चुनी। उसी वर्ष उन्होंने एक स्वयं सहायता समूह का गठन किया और समूह के माध्यम से 1.5 लाख रुपये का सीसीएल ऋण लिया। इस राशि से उन्होंने खेती संबंधी काम किए और समूह की अन्य महिलाओं को भैंस खरीदने में मदद की।
वर्ष 2025 में उन्हें 1.5 लाख रुपये का सीआईएफ फंड मिला। यह फंड लेकर रानी ने प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की और उत्पादन शुरू किया। इस पहल से समूह की 10 महिलाओं को रोजगार मिला, जो अब नियमित आय कमाती हैं।
सरकारी सहारा और बाजार तक पहुंच
जिला प्रशासन की मदद से रानी के उत्पादों को बाजार मिला। पिछले वर्ष जून में उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर के सरस फूड आउटलेट में एक दुकान आवंटित हुई। मुख्य विकास अधिकारी और जिला विकास अधिकारी ने उनके उत्पादों की गुणवत्ता की जांच की। सरकारी मदद से अब तक 4 लाख रुपये से अधिक के उत्पाद बिक चुके हैं।
ग्रामिण परिवेश में बड़ी चुनौती संकोच होती है, इसलिए महिलाओं को समूह बनकर बाहर आने की सलाह दी जा रही है। रानी की पहल से दिखता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ मिलकर लिया जा सकता है और छोटे प्रयोग स्थायी रोजगार में बदल सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

