सुलतानपुर। विधानसभा चुनाव 2017 के दौरान हुई घटनाओं से जुड़ी शिकायत में एसीजेएम कोर्ट ने सात पुलिसकर्मियों को सुनवाई के लिए तलब किया है। यह आदेश उस परिवाद से संबंधित है जो 26 फरवरी 2017 की घटना पर दर्ज कराया गया था।
कोर्ट ने तत्कालीन थाना प्रभारी आजाद सिंह केसरी के साथ बृज बहादुर भारती, अखिलेश कुमार, शिवकुमार यादव, दुर्गेश कुमार, अमरनाथ विश्वकर्मा और तेज बहादुर को तलब किया है। इनमें से इंस्पेक्टर अमरनाथ विश्वकर्मा और उप निरीक्षक तेज बहादुर ने इस आदेश को चुनौती देते हुए जिला जज सुनील कुमार की अदालत में निगरानी याचिका दाखिल कर दी है।
याचिका और सुनवाई
जिला जज सुनील कुमार ने अमरनाथ विश्वकर्मा व तेज बहादुर की याचिका को विलंब अर्जी के साथ प्रकीर्ण वाद के रूप में दर्ज किया। अदालत ने विपक्षी को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। अगले निर्देश के लिए अदालत ने 23 अक्तूबर की तारीख तय की है।
शिकायतकर्ता हृदयराम यादव, जो कोतवाली देहात के रामपुर हनुमानगंज निवासी हैं, ने परिवाद में बताया था कि वह लंभुआ विधानसभा क्षेत्र से जनपार्टी के टिकट पर उम्मीदवार थे। उनका आरोप है कि 26 फरवरी 2017 को उनके साथ अभद्र व्यवहार हुआ और उनका वाहन सीज कर दिया गया।
परिवाद के अनुसार, न केवल वाहन सीज किया गया बल्कि शिकायत के बाद पुलिसकर्मी 1 मार्च 2017 को उनके निजी महाविद्यालय में पहुंचे और वहाँ मारपीट व तोड़फोड़ की। इस घटनाक्रम पर उन्होंने एसीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था।
तत्कालीन एसीजेएम प्रथम शुभम वर्मा ने 12 सितंबर 2025 को दोनों पक्षों के आरोपों पर विचारण के लिए पर्याप्त आधार मानते हुए सातों आरोपियों को तलब करने का आदेश दिया था। अब जिला जज के समक्ष दाखिल याचिका की सुनवाई के बाद मामला आगे बढ़ेगा।
स्रोत: अमर उजाला

