सुल्तानपुर। लंबित मांगों को लेकर शनिवार को जिले के लेखपालों ने तहसील दिवस का बहिष्कार किया और पांचों तहसीलों में धरना दिया। धरना दोपहर तक चला और उसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन संबंधित उपजिलाधिकरियों को सौंप दिया गया।
धरना और लौटना
अधिकारियों ने बताया कि आंदोलन की प्रक्रिया के मुताबिक दो बजे के बाद लेखपाल संघ के लोग फिर काम पर वापस आ गए। लंभुआ में उसी दिन डीएम इंद्रजीत सिंह के संपूर्ण समाधान दिवस का भी लेखपाल संघ ने बहिष्कार किया।
धरने का क्रम और नेता
लेखपालों ने अपनी-अपनी तहसीलों में उपजिलाधिकारी कक्ष के सामने बरामदे में धरना देकर नारे लगाए। लंभुआ में मौजूद कार्यकर्ताओं में तहसील लेखपाल संघ अध्यक्ष बलराम सिंह, मंत्री संदीप वर्मा, जिला मंत्री रिंकू पाल और ब्रजेश उपाध्याय प्रमुख थे।
सदर तहसील में धरना अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह की अगुवाई में आयोजित हुआ। वहां धरने के बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपते समय सर्वेंद्र पटेल और सुनील मिश्र सहित अन्य लेखपाल भी उपस्थित रहे।
कादीपुर में भी लेखपालों ने तहसील दिवस का बहिष्कार किया और धरना दिया। इसी तरह बल्दीराय व जयसिंहपुर तहसील दिवस में भी लेखपालों का धरना दोपहर दो बजे तक जारी रहा।
आगे की योजना
लेखपाल संघ का कहना है कि वेतन, पदोन्नति और अन्य मांगों को लेकर यह आंदोलन प्रदेश संगठन के आवाह्न पर चल रहा है। धरने व ज्ञापन देने के बाद संघ के निर्देशानुसार कर्मियों ने दोपहर में नियमित कार्य संभाल लिया।
स्थानीय लोगों व तहसील कार्यालयों के कर्मचारियों पर धरनों का असर सीमित रहा क्योंकि कार्रवाई के बाद अधिकारियों ने आवश्यक सेवाओं को बहाल कर दिया। आगे की व्यवस्था व किसी नई हड़ताल संबंधी सूचना संघ की ओर से दी जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

