वाराणसी। करीब 13 दिनों तक लगातार घटने के बाद शनिवार को गंगा का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया। जलस्तर बढ़ने की रफ्तार पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई है।
केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले सात दिनों में गंगा के जलस्तर में करीब 3.96 मीटर तक बढ़ोतरी हो सकती है। इस साल अब तक यह पहली बार है जब गंगा के जलस्तर में इतनी तेज गति से वृद्धि दर्ज हुई है।
बढ़ोतरी के कारण और इलाके
विश्लेषण में बताया गया है कि 13 सितंबर के बाद आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी आने के कारण गंगा के जलस्तर में फिर उफान आया है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है।
लेकिन मौजूदा रफ्तार और अगले हफ्ते के पूर्वानुमान ने प्रशासन और तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। घाटों पर ठहरा हुआ पानी बढ़ने से घाटों के समीप रहने वाले मूर्तिकला व्यवसाय, घाट पर लगने वाले दुकान और नाविक प्रभावित हो सकते हैं।
स्थानीय प्रशासन ने अभी तक कोई बड़े कदमों की घोषणा नहीं की है, लेकिन तटवर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। पट्टी दर पट्टी निगरानी कराई जा रही है और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सचेत रहने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न आएं और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। अगर जलस्तर तेज़ी से बढ़ता है तो प्रशासन की ओर से आगे आवश्यक चेतावनी और निर्देश जारी किए जाएंगे।
स्रोत: अमर उजाला

