वाराणसी। मॉनसून विदाई से पहले फिर सक्रिय हो गया है और 28 सितंबर को उत्तर प्रदेश समेत कई हिस्सों में तेज बारिश का खतरा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को कई राज्यों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग ने बताया है कि यूपी में झमाझम बारिश के कारण 25 से ज्यादा जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है और पिछले दो दिनों में प्रदेश में 63 लोगों की मौत हुई है। गंगा समेत 8 नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। IMD ने कानपुर, प्रयागराज, अयोध्या, उन्नाव, कन्नौज, बस्ती, लखनऊ समेत कुल 46 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।
किस इलाकों पर असर
मॉनसून सिस्टम बंगाल की खाड़ी के कम दबाव के क्षेत्र से जुड़ा है। इस वजह से मॉनसून सितंबर के बाद भी अक्तूबर तक खिंचने की संभावना बनी हुई है। दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम बदल रहा है और सुबह से बादल छाए हुए थे, जिससे उमस भरी गर्मी कम हुई है।
उत्तराखंड में बारिश से लगातार लैंडस्लाइड की घटनाएँ हो रही हैं और चारधाम यात्रा पर रोक लगाई गई है। वहां के कुछ हिस्सों में सड़कों को बंद करना पड़ा है। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी बर्फबारी और गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का खतरा जताया गया है।
मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश का अलर्ट दिया है। विभाग के अनुसार सैटेलाइट व मॉडल्स ने दिखाया है कि सिस्टम उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ते हुए यूपी के ऊपर रह सकता है।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधक नागरिकों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं। लोगों को नदी किनारों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने का निर्देश दिया गया है। राजमार्गों व ऊंचे इलाकों पर यात्रा करने से पहले हालात की जानकारी लेने को कहा गया है।
स्रोत: NDTV

