अम्बेडकरनगर। सुबह करीब 5:30 बजे तेगरा एक्सप्रेस में अचानक हुए धमाके से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। बस के स्लीपर केबिन में सो रहे कई लोग झट से जाग गए और बाहर निकलने की कोशिश करने लगे।
धमाके के बाद केबिन का शटर जाम था। गोपालगंज निवासी रंजन सिंह अपने सहयात्री के साथ शटर तोड़कर बाहर निकले। उनके अनुसार बाहर का मंजर देखकर वे दंग रह गए क्योंकि चारों तरफ खून फैला था और कई लोग दर्द से कराह रहे थे।
हादसे का मंजर
बस के भीतर टूटे कांच बिखरे हुए थे, जिससे कई यात्रियों के पैरों में कांच चुभ गया। सिर व हाथ-पैर जख्मी हुए। करीब एक घंटे तक यात्रियों ने मेहनत कर एक-एक कर फंसे लोगों को बाहर निकाला। रंजन ने बताया, “यह जिंदगी का सबसे मुश्किल सफर था।”
रंजन ने आरोप लगाया कि मदद के लिए बस सर्विस के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने बताया, “मदद करने के बजाय कागजात लेकर चले गए”, उनका आरोप है कि चालक और उसके साथ मौजूद दो लोग बस छोड़कर चले गए।
यात्री जाहिद ने कहा कि वह दिल्ली की एक कंपनी में फिटर है और बिहार जा रहा था; वह कुछ समझ पाते उससे पहले ही हादसा हो गया। घायल अमित आनंद ने बताया कि बाहर निकलने पर पास में एक ट्रेलर खड़ा दिखा, पर हादसे का कारण उन्हें समझ नहीं आया।
पुलिस आने के बाद चोटिल यात्रियों को दूसरी बसों और चार पहिया वाहनों से गोरखपुर के लिए रवाना किया गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने मिलकर प्राथमिक बचाव का काम संभाला और आगे की मदद के इंतजाम किए।
आगे क्या होगा
स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए जांच कर रही है। यात्रियों व स्थानीय लोगों से पूछताछ जारी है ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
स्रोत: अमर उजाला

