अयोध्या। राम मंदिर निर्माण समिति की शुक्रवार को ऑनलाइन बैठक में परिसर के कई निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार और कार्यदायी संस्थाओं के लंबित भुगतान का मामला उठाया गया। निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने दिल्ली से बैठक में भाग लेकर परियोजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में रामकथा संग्रहालय, ऑडिटोरियम, अतिथि गृह और मध्वाचार्य द्वार समेत अन्य परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। बताया गया कि कुछ कार्यदायी संस्थाओं के बिलों का भुगतान अटका होने से काम प्रभावित हो रहे हैं। नृपेंद्र मिश्र ने बकाया भुगतान की जानकारी लेते हुए गतिरोध दूर करने के निर्देश दिए।
गेट-3 का समयसीमा बदली
राम मंदिर का गेट नंबर तीन अब जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वार के नाम से विकसित किया जा रहा है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी यूपी राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई है। पहले इसे नवंबर तक ट्रस्ट को हैंडओवर करने का लक्ष्य था, लेकिन धीमी गति के कारण समयसीमा बढ़ाकर अब जनवरी 2027 रखा गया है।
बैठक में अतिथि गृह और ऑडिटोरियम के निर्माण में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। समिति ने महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की आवश्यकता कही और भुगतान आदि के कारण कार्यों में आई रुकावटें दूर करने पर सहमति बनाई।
नए अंतरिम महासचिव बनने के बाद भुगतान संबंधी गतिरोध का उल्लेख बैठक में हुआ। रिपोर्ट बताती हैं कि चढ़ावा चोरी की घटना के बाद ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय के इस्तीफे और डॉ. कृष्ण मोहन के अंतरिम महासचिव का कार्यभार संभालने के बाद कुछ बिलों के भुगतान में अड़चनें आई थीं। कुछ भुगतान बाद में किए गए, पर कई बिल अब भी लंबित हैं।
सूत्रों ने कहा कि निर्माण समिति के अध्यक्ष ने ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि से भी लंबित भुगतान के संबंध में बात की है और उन्हें जल्द भुगतान कराने का कहा गया है। अब समिति का फोकस भुगतान निपटाने और जनवरी 2027 की नई समयसीमा के अनुसार कामों को पूरा करवाने पर रहेगा।
स्रोत: अमर उजाला

