अयोध्या। शुक्रवार को कारसेवकपुरम में आयोजित स्वर्गीय अशोक सिंहल की जन्म शताब्दी समारोह में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने राम मंदिर को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी पर तीखा हमला किया। शाही ने कहा कि सनातन धर्म को हमेशा कठिन परीक्षाओं से गुजरना पड़ा है और समाज ऐसी परिस्थितियों में पीछे नहीं हटेगा।
शाही ने मौके पर राम जन्मभूमि आंदोलन और वहां श्रद्धालुओं के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने यह भी कहा, “जिस व्यक्ति ने अपने जीवन के 50 वर्ष से अधिक राम मंदिर आंदोलन के लिए समर्पित किए, ऐसे चंपत राय पर संदेह करना भी एक षड्यंत्र का हिस्सा है।”
राजनीतिक बयानबाजी पर कड़ा रुख
शाही ने आरोप लगाया कि लंबे समय से वामपंथी और धर्म विरोधी विचारधारा वाले लोग सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म को क्षति पहुंचाने के लिए षड्यंत्र करते रहे हैं। उनके शब्दों में, राम मंदिर को लेकर भी दशकों तक षड्यंत्र हुए और अभी जो चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर अभिव्यक्ति हो रही है, वह उसी मानसिकता का हिस्सा है।
कार्यक्रम में अशोक सिंहल फाउंडेशन की ओर से दिव्यांगजनों को साइकिलें वितरित की गईं। साथ ही मंच पर कई प्रमुख नेता और संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। शाही के साथ मंत्री सतीश शर्मा, विधायक रामचंद्र यादव, विहिप के दिनेश चंद्र और महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी भी दिखे।
कार्यक्रम में विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने अशोक सिंहल के सामाजिक काम-काज पर प्रकाश डाला। चंपत राय ने कहा, “संत रविदास की वाणी और अनुसूचित समाज के बीच जनजागरण के कार्यक्रम चलाए गए।” उन्होंने 1983 के हिंदू सम्मेलन और 1989 के शिलान्यास जैसे ऐतिहासिक गतिविधियों का भी जिक्र किया।
स्थानीय लोगों और उपस्थित कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक तथा संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण बताया। आने वाले दिनों में इसी तरह के कार्यक्रमों और बैठकों के माध्यम से राम जन्मभूमि से जुड़े आयोजनों और चर्चाओं का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
स्रोत: अमर उजाला

