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अयोध्या: राम मंदिर के चढ़ावे से करीब 2.25 लाख चोरी, एफआईआर 25 जून को दर्ज

चार्जशीट में कहा गया है कि चढ़ावे की चोरी की सूचना और वीडियो चंपत राय को 4 जून की रात लगभग पौने दस बजे मिले थे।

अयोध्या: राम मंदिर के चढ़ावे से करीब 2.25 लाख चोरी, एफआईआर 25 जून को दर्ज
फोटो: अमर उजाला

अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे चोरी मामले की दाखिल चार्जशीट से घटनाक्रम और शुरुआत के फैसलों पर नए सवाल खड़े हो गए हैं। चार जून की रात चोरी की सूचना, वीडियो और संदेश तत्कालीन ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के पास पहुंचने का उल्लेख चार्जशीट में है।

चार्जशीट के मुताबिक चार जून की रात गणना कर्मी आनंद कुमार चौधरी ने चंपत राय के मोबाइल पर वीडियो और लिखित संदेश भेजा था। संदेश में चढ़ावे से करीब 2.25 लाख रुपये की चोरी बताई गई और अगली रात वीडियो भी दिखाया गया। फिर भी एफआईआर 25 जून को दर्ज कराई गई, जो सूचना और एफआईआर के बीच करीब तीन सप्ताह का अंतर दर्शाता है।

कार्रवाई और टाइमलाइन पर सवाल

चार्जशीट में पूछा गया है कि सूचना मिलने के बाद चंपत राय ने सबसे पहले किसे बताया और क्या पुलिस को तुरंत जानकारी दी गई। दस्तावेज़ में यह भी बताया गया है कि पांच जून को अयोध्या पहुंचने पर ट्रस्ट के पदाधिकारियों को लैपटॉप पर गणना कक्ष के वीडियो दिखाए गए, जिनमें नोटों की गड्डियों से रकम निकालने के चित्र थे।

चार्जशीट गणना कक्ष की व्यवस्था, कर्मचारियों की ड्यूटी, चाबी और चढ़ावे जमा करने की प्रक्रिया का विवरण देती है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल व सीडीआर के विश्लेषण और बरामदगी को आरोपों के समर्थन में साक्ष्य बताया है। आठ आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप प्रमाणित पाए जाने का उल्लेख भी चार्जशीट में है।

हालांकि मौजूदा चार्जशीट में चंपत राय को आरोपी नहीं बनाया गया है और उनका बयान गवाह के तौर पर दर्ज है। दस्तावेज़ में यह निष्कर्ष नहीं निकाला गया कि उन्होंने चोरी में सहयोग किया, किसी आरोपी को संरक्षण दिया या जांच को प्रभावित किया, लेकिन सूचना मिलने के बाद कार्रवाई शुरू होने में देरी का कारण बताना बाकी है।

सुरक्षा में बदलाव

राम मंदिर परिसर और अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की एक यूनिट स्थायी रूप से तैनात करने की कार्रवाई चल रही है। 24 से 29 सितंबर तक एनएसजी टीम मंदिर परिसर में सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर रही है और सुरक्षा अभ्यास कर रही है।

अयोध्या में रोजाना करीब एक लाख श्रद्धालु आते हैं और पर्व-त्योहार पर यह संख्या कई गुणा बढ़ जाती है। एनएसजी हब बनने के बाद त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का उपयोग मंदिर के साथ शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए भी किया जा सकेगा।

स्रोत: अमर उजाला

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Vikas Kumar

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कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।