बागपत। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने कासिमपुर खेड़ी गांव के रहने वाले रितीव उर्फ विशु की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह फैसला विजय की हत्या के मामले में आया है जिसमें आरोपी 15 जुलाई से जेल में बंद है।
किस्सा 14 जुलाई का है जब कासिमपुर खेड़ी निवासी सुषमा ने अपने बेटे विजय की हत्या का मामला दर्ज कराया। शिकायत में बताया गया कि विजय शाम को अपने मित्र से मिलने किशनपुर बराल गया था और वहां से वह वापस नहीं लौटा।
घटनाक्रम और आरोप
शिकायत के अनुसार जब सुषमा अपने बेटे की तलाश कर रही थी तो वह हर्ष के घर के पास पहुंची। वहां उसने देखा कि रितीव उर्फ विशु विजय के साथ धक्का-मुक्की कर रहा था। उसी दौरान विशु ने तमंचे से विजय के सीने में गोली मार दी।
हालात बुरे होने पर घायल विजय को बड़ौत के अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने बताया कि इलाज से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपित विशु को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जेल में बंद विशु ने बाद में न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की। मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने याचिका खारिज कर दी, जिससे आरोपी पूछताछ व मुकदमे की अगली कानूनी कार्यवाही के लिए जेल में ही रहेगा।
किसान-मुख्यतः ग्रामीण इलाके में ऐसी घटना से परिजन व गांव के लोग स्तब्ध हैं। पीड़ित परिवार न्यायिक प्रक्रिया को देख रहा है और पुलिस की कार्रवाई को मान्य कर रहा है। आगे की सुनवाई के लिए अगला मुकदमी समय अदालत से तय होगा।
स्रोत: अमर उजाला

